नए आयकर कानून में वैल्यूअर्स की भूमिका अहम, संपत्ति मूल्यांकन में सावधानी पर जोर
टाउनशिप नीति, सैटबैक नियम और साइबर अपराधों से बचाव पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी
जयपुर। राजस्थान काउंसिल ऑफ इनकम टैक्स वैल्यूअर्स की ओर से होटल द रॉयल ऑर्किड में नेशनल सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में नए आयकर कानून की धारा 514 (इन्वेस्टिगेशन) के तहत वैल्यूअर्स की भूमिका एवं जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। देशभर से आर्किटेक्ट, इंजीनियर और वैल्यूअर्स ने इसमें भाग लिया।
सेमिनार में सेवानिवृत्त मुख्य नगर नियोजक मुकेश मित्तल ने नई टाउनशिप नीति की विस्तृत जानकारी देते हुए भवन निर्माण में लागू नए सैटबैक नियमों पर प्रकाश डाला। इस विषय पर प्रतिभागियों और विशेषज्ञों ने अपने विचार एवं सुझाव रखे।
पुलिस उप-महानिरीक्षक, साइबर क्राइम शान्तनु सिंह ने साइबर अपराध के बदलते तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को साइबर ठगी से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया और सतर्कता को सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय बताया।
वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल शर्मा ने बैंकों की गैर-निष्पादित संपत्तियों (एनपीए प्रॉपर्टीज) के मूल्यांकन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने संपत्ति के सही और निष्पक्ष मूल्यांकन में वैल्यूअर्स की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। चार्टर्ड अकाउंटेंट सुनील जैन ने सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों का संपत्ति के मूल्यांकन पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की।
मुख्य अतिथि आयकर अधिकारी (तकनीकी) कैलाश मीणा ने नए आयकर कानून की धारा 514 के प्रावधानों के तहत वैल्यूअर्स की भूमिका एवं महत्व पर जानकारी दी। जॉइंट सेक्रेटरी संजय शर्मा और कन्वीनर बृजेश साध ने भी संपत्ति मूल्यांकन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे।
संस्था के अध्यक्ष नागेंद्र चौधरी और महासचिव इंजीनियर दीपक सूद ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। दीपक सूद ने काउंसिल की ओर से पिछले छह वर्षों में सदस्यों के हित में किए गए कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में मुकेश मित्तल, अनिल शर्मा, सुनील जैन सहित अन्य विशेषज्ञ मौजूद रहे।

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