मेले के नाम पर हजारों रुपए कमीशन के रूप में गटकने का खेल शुरू : भाजपाई गुट की मिलीभगत के कारण साधु-संतों को नहीं मिल रहा सम्मान, अखिलेश ने कहा- गोरखधंधे को बचाने के लिए हो रहा दुर्व्यवहार
रत्यक्ष घटनाक्रम दिखाया-सुनाया जा रहा था
आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन 'कमीशन खोरी' के इस गोरखधंधे को बचाने के लिए आपत्तिजनक, अपमानजनक और हिंसक दुर्व्यवहार कर रहा है।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रयागराज माघ मेले में अव्यवस्था और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए घटनाक्रम का हवाला देते हुये आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में मेले के नाम पर पचासों हजार रुपये की बड़ी रकम कमीशन के रूप में गटकने का नया खेल शुरू हो गया है। यादव ने एक्स पर कहा कि मेला महाभ्रष्टाचार की कमीशनखोरी में भाजपाई गुट की मिलीभगत के कारण साधु-संतों को सम्मान नहीं मिल पा रहा है और मेले की अव्यवस्था पर बोलने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन 'कमीशन खोरी' के इस गोरखधंधे को बचाने के लिए आपत्तिजनक, अपमानजनक और हिंसक दुर्व्यवहार कर रहा है। उन्होने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को कमिश्नर की जगह 'कमीशनर' नाम की नई पोस्ट बना देनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मेलाक्षेत्र के संजय का 'धृतराष्ट्र' कौन है, जिसे प्रत्यक्ष घटनाक्रम दिखाया-सुनाया जा रहा था।

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