गूगल ने रोके 17 लाख से ज्यादा ऐप्स : फोन कॉल के दौरान होने वाले सोशल इंजीनियरिंग अटैक को टारगेट करने वाले नए प्रोटेक्शन भी पेश, पहले से ज्यादा मजबूत हो गई प्राइवेसी पॉलिसी
एंटी स्पैम सिस्टम को भी बनाया बेहतर
टेक कंपनी ने 80,000 से ज्यादा डेवलपर अकाउंट भी बैन कर दिए। ये अकाउंट्स गलत काम या धोखाधड़ी से जुड़े थे और बार-बार पॉलिसी तोड़ रहे थे।
नई दिल्ली। गूगल ने अपने एनुअल सिक्योरिटी रिपोर्ट में बताया कि कंपनी ने 2025 में लाखों ऐसे ऐप्स पर रोक लगाई है, जो मैलवेयर, फाइनेंशियल फ्रॉड, छिपे हुए सब्सक्रिप्शन और यूजर्स की प्राइवेसी के लिए खतरा बन सकते थे। यूजर्स तक पहुंचने से पहले कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से चलने वाले डिटेक्शन टूल्स की मदद से नुकसान पहुंचाने वाले ऐप्स को रोक दिया। साथ ही, कंपनी ने 80 हजार डेवलपर अकाउंट भी बैन कर दिए हैं। 19 फरवरी को गूगल ने अपने सिक्योरिटी ब्लॉग में बताया कि कंपनी ने 2025 में 1.75 मिलियन यानी 17.5 लाख से ज्यादा ऐप्स को गूगल प्ले पर पब्लिश होने से रोका है, क्योंकि इन ऐप्स ने कंपनी की पॉलिसी तोड़ी थी। इतना ही नहीं, टेक कंपनी ने 80,000 से ज्यादा डेवलपर अकाउंट भी बैन कर दिए। ये अकाउंट्स गलत काम या धोखाधड़ी से जुड़े थे और बार-बार पॉलिसी तोड़ रहे थे।
पहले से ज्यादा मजबूत हो गई प्राइवेसी पॉलिसी
इतना ही नहीं, गूगल की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उसने 2,55,000 से ज्यादा ऐप्स को यूजर के सेंसिटिव डेटा तक पहुंचने से भी रोका है। कंपनी ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को पहले से ज्यादा मजबूत किया है। गूगल ने एंड्रॉयड स्टूडियो में प्ले पॉलिसी इनसाइट्स और गूगल प्ले पर डेटा सेफ्टी सेक्शन जैसे टूल्स के जरिए प्राइवेसी के खतरे को कम किया है। कंपनी का दावा है कि इन उपायों की मदद से डेवलपर्स को प्राइवेसी सेंसिटिव परमिशन के लिए आई रिक्वेस्ट को कम करने और यूजर सेंट्रिक डिजाइन प्रैक्टिस को प्राथमिकता देने के लिए डिजाइन किया गया है।
एंटी स्पैम सिस्टम को भी बनाया बेहतर
गूगल ने अपने एंटी-स्पैम सिस्टम को भी बेहतर बनाया है। इससे 160 मिलियन स्पैम रेटिंग और रिव्यू ब्लॉक हो गए। कंपनी ने बताया कि इसके जेनरेटिव एआई पावर्ड रिव्यू सिस्टम, अब डेवलपमेंट के दौरान ही ऐप्स को एनालाइज करते हैं। इससे प्ले स्टोर पर सबमिट होने से पहले मैलवेयर, स्पाइवेयर और फाइनेंशियल स्कैम ऐप्स का पता लगाने में मदद मिलती है।
गूगल प्ले प्रोटेक्ट हुआ बेहतर
मौजूदा सेफगार्ड के अलावा, पिछले साल कंपनी ने प्रोटेक्शन की एक नई लेयर्स भी अपनाई, जिससे युवा यूजर्स को गैंबलिंग या डेटिंग जैसी एक्टिविटी से जुड़े ऐप्स सर्च या डाउनलोड करने से रोका जा सके।
गूगल के मुताबिक, गूगल प्ले प्रोटेक्ट को पिछले साल और बेहतर बनाया गया था। कंपनी की मानें तो यह सिस्टम उन ऐप्स के इंस्टॉल होने की कोशिशों को एनालाइज करता और आॅटोमैटिकली ब्लॉक कर देता है, जो फाइनेंशियल फ्रॉड करने के लिए सेंसिटिव परमिशन का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।
266 मिलियन को रोका
इसने 2025 में 266 मिलियन उन इंस्टॉलेशन को भी रोका है, जो रिस्की थे। साथ ही, इस सिस्टम के जरिए यूजर्स को 8,72,000 यूनिक हाई-रिस्क ऐप से भी बचाया गया है।
गूगल का नया इन-कॉल स्कैम प्रोटेक्शन फीचर
कंपनी ने फोन कॉल के दौरान होने वाले सोशल इंजीनियरिंग अटैक को टारगेट करने वाले नए प्रोटेक्शन भी पेश किए गए। गूगल का नया इन-कॉल स्कैम प्रोटेक्शन फीचर यूजर्स को कॉल के दौरान प्ले प्रोटेक्ट को डिसेबल करने से रोकता है। इसे इसलिए डिजाइन किया गया है ताकि स्कैमर्स लोगों को बिल्ट-इन सिक्योरिटी डिफेंस बंद करने और कॉल के बीच में मैलिशियस ऐप इंस्टॉल करने के लिए नहीं मना पाए।

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