अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है ईरानर: ट्रंप ने युद्ध 'जल्द' खत्म होने का किया दावा, बोले-ईरान समझौता अस्वीकार करता है तो फिर शुरू होगी बमबारी
ईरान-अमेरिका के बीच समझौते की सुगबुगाहट
ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम हेतु 14 बिंदुओं वाले समझौते पर चर्चा तेज हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने सकारात्मक संकेत दिए हैं, जबकि ईरान पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। इसमें परमाणु सुविधाओं को बंद करने और ईंधन आपूर्ति जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। वैश्विक शांति के लिए यह वार्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वॉशिंगटन। ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि युद्ध समाप्त करने संबंधी अमेरिकी प्रस्ताव अभी "समीक्षाधीन" है और ईरान अपने रुख को अंतिम रूप देने के बाद पाकिस्तानी मध्यस्थों को जवाब देगा। ईरान की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध जल्द समाप्त होने की संभावना जताई है। ट्रंप ने जॉर्जिया में रिपब्लिकन समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, "पिछले 24 घंटों में ईरान के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई है और समझौते की संभावना है। मुझे लगता है कि हम जीत गये।" उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के उनके प्रयासों के कारण यदि अमेरिकियों को ईंधन कीमतों जैसी अल्पकालिक आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, तो वह अस्थायी होगा।
अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार व्हाइट हाउस ईरान के साथ 14 बिंदुओं वाले एक समझौता ज्ञापन के करीब पहुंच सकता है, जो आगे परमाणु वार्ता के लिए रूपरेखा का काम करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान एक ऐसे समझौते पर काम कर रहे हैं, जिससे युद्धविराम लागू हो सके और 30 दिनों के भीतर परमाणु मुद्दे, ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता जैसे विवादित मुद्दों पर समाधान निकाला जा सके।
ट्रंप ने पीबीएस न्यूज से कहा कि किसी भी समझौते के तहत ईरान को अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका भेजना होगा और भूमिगत परमाणु सुविधाएं बंद करनी होंगी। दूसरी ओर, ईरान में इस प्रस्ताव को लेकर मतभेद दिखाई दे रहे हैं। ईरानी संसद के एक वरिष्ठ सदस्य ने प्रस्ताव को "अमेरिका की इच्छाओं की सूची" बताया, जबकि एक अन्य अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका आवश्यक रियायतें नहीं देता है तो ईरान "कठोर जवाब" देगा जिससे अमेरिका को पछतावा होगा।
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने कहा, "अमेरिका युद्ध में वह हासिल नहीं कर पाएगा जो वह प्रत्यक्ष वार्ता में नहीं पा सका।" उन्होंने कहा कि ईरान "पूरी तरह तैयार" है। दूसरी ओर ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर चेतावनी दी कि यदि ईरान समझौता अस्वीकार करता है तो "बमबारी फिर शुरू होगी और पहले से कहीं अधिक तीव्र होगी।" इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के साथ वार्ता कर बातचीत की प्रगति की जानकारी ली।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते के संकेतों का स्वागत करता है, लेकिन मध्यस्थ होने के नाते वह बातचीत का विवरण सार्वजनिक नहीं करेगा। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलने के प्रयास कर रहा है और यदि अगले दौर की वार्ता इस्लामाबाद में होती है तो यह उसके लिए "सम्मान की बात" होगी।

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