एजाज अहमद का JDU पर बड़ा हमला, बोले- राबड़ी देवी का बंगला खाली कराने के बहाने प्रदेश में दलित कार्ड खेल रही सरकार
राबड़ी देवी का बंगला खाली कराने पर सियासत तेज
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के बंगले को खाली करने के आदेश को सवालों के घेरे में खड़ा किया और कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार ने प्रदेश की राजनीति में दलित कार्ड खेलने के लिए इस बंगले का आबंटन मंत्री नंदकिशोर राम के नाम से किया गया है। अहमद ने यूनीवार्ता से कहा कि इसी महीने की 11 तारीख को मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार आठ मंत्रियों निशांत कुमार, भगवान सिंह कुशवाहा,कुमार शैलेन्द्र, शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, श्वेता गुप्ता, मिथिलेश तिवारी, रामचंद्र प्रसाद के साथ नंद किशोर राम को भी बंगला आबंटित किया गया। उन्होंने कहा कि आदेश के अनुसार श्री राम को 21, हार्डिंग रोड का बंगला आबंटित किया गया था।
राजद प्रवक्ता अहमद ने कहा कि मंत्री राम को जब पहले से बंगला आबंटित था, तो पुनः 27 मई को एक नया आदेश जारी कर उन्हें वही बंगला आबंटित करने की ऐसी कौन सी आपात स्थिति बन गई थी, जिसमे विधान परिषद की नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी रहती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम साफ करता है कि उसे मंत्री श्री राम को बंगला आबंटित करने से ज्यादा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को अपमानित करने और प्रदेश की राजनीति में दलित कार्ड खेलने की ज्यादा पड़ी थी। उम्होने कहा कि एक ऐसे मंत्री जिसे पहले से बंगला आबंटित हो गया था, उन्हें बंगला बदल कर आबंटित करना और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री को परेशान करना सरकार की मानसिकता को स्पस्ट करता है।
अहमद ने कहा कि आखिर बार-बार राज्य सरकार और उसका भवन निर्माण विभाग श्री राम के आवास को क्यों बदल रहा है। उन्होंने कहा कि कहीं रामचंद्र राम को राजद के खिलाफ दलित राजनीति का मोहरा तो नहीं बनाया जा रहा है। इस मामले में राजद के प्रमुख प्रदेश प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि अलग अलग पदों के लिए तय बंगलों में सरकार ने पहले ही फेरबदल किये हैं, जिनमे विधानसभा अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री के बंगले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नियमों की दुहाई सिर्फ राबड़ी देवी के लिए नही, सभी जगहों पर दी जानी चहिये। उन्होंने कहा कि उसी रोड पर एक पूर्व मुख्यमंत्री को बंगाल आबंटित किया गया है और दूसरे को अपमानजनक तरीके से हटाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष ने स्पस्ट किया है कि वह इस अपमान के खिलाफ खड़ी होंगी और सरकार चाहे तो जबरदस्ती बंगला खाली करवा सकती है।

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