ईरानी मीडिया का दावा: अमेरिका-इजरायल हमले में खामेनेई की मौत, अब कौन बनेगा ईरान का अगला सुप्रीम लीडर?
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध: इजराइल का ईरान पर भीषण हमला
इजराइल ने 'एपिक फ्यूरी' अभियान के तहत तेहरान सहित कई शहरों पर हमला कर ईरानी रक्षा मंत्रालय और सुप्रीम लीडर के कार्यालय को तबाह कर दिया। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने 400 मिसाइलें दागीं। ट्रंप ने शासन परिवर्तन का किया आह्वान। भारतीयों की सुरक्षा के लिए दूतावासों ने हेल्पलाइन नंबर किए जारी।
तेहरान। इजराइल ने अमेरिका के साथ मिलकर शनिवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला कर दिया। इन हमलों में दक्षिणी ईरान में स्थित एक स्कूल की 85 छात्राओं की मौत हो गई और 45 घायल हैं। इजराइल ने ईरान के खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, सुप्रीम लीडर खामेनेई का ऑफिस और ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन को निशाना बनाया। दावा किया जा रहा है कि इन हमलों में 200 से अधिक लोगों की जान गई है। हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई का ऑफिस पूरी तरह तबाह हो गया।
हालांकि, खामेनेई सुरक्षित हैं। उन्हें सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की और करीब 400 मिसाइलें दागीं हैं। ईरान ने इजराइल के अलावा कुवैत, कतर, बहरीन और सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी बेस पर भी हमला किया है। ईरान ने यूएई के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई को भी निशाना बनाया है। दुबई में हमलों के बाद उड़ानों पर रोक लगा दी जिससे कई भारतीयों सहित बहुत से लोग एयरपोर्ट पर फंस गए। इजराइल ने इस अभियान को एपिक फ्यूरी (शेर की दहाड़) और ईरान ने जवाबी कार्रवाई को फतह-ए-खैबर नाम दिया है। हमलों के बाद ईरान में स्कूलों-कॉलेजों को बंद कर दिया गया है। हालांकि सरकारी कार्यालय और बैंकों में आधे कर्मचारी काम करेंगे।
ईरान की सत्ता वहां की जनता को दी जाएगी : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार की रात ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू करने के बाद एक संबोधन में कहा कि इस कार्रवाई का उद्येश्य वहां की ‘आतंकवादी सरकार से’ अमेरिका और उसके सहयोगियों की रक्षा करना है और उस सरकार को हटा कर वहां की शासन व्यवस्था ईरान की जनता को सौंपना है। उन्होंने ईरानी सेना को हथियार डालने या तबाही के लिए तैयार रहने की अपील करते हुए साफ साफ कहा कि अमेरिका ईरान को कभी परमाणु हथियारों से लैस नहीं होने देगा और उसको ऐसी लम्बी दूरी की मिसाइलें नहीं बनाने देगा जो अमेरिका तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने ईरान की मौजूदा सरकार को कुछ क्रूर और खतरनाक लोगों का गिरोह बताया। उन्होंने ईरान की जनता से सुरक्षित घरों में बने रहने की सलाह देते हुए कहा है कि इस अभियान के खत्म होने के बाद ईरानी जनता को अपनी सरकार अपने हाथ में संभालने का अवसर मिलेगा।
हेल्पलाइन नम्बर जारी किए
हालात को देखते हुए ईरान, इजराइल और कतर स्थित भारतीय दूतावासों ने वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है और एक परामर्श जारी कर आपात स्थिति में दूतावासों से आपात टेलीफोन नम्बरों तथा इमेल पर संपर्क करने को कहा है। दोहा में भारतीय नागरिक दिन-रात काम करने वाले हेल्पलाइन नंबर 00974-55647502 और दूतावास के ईमेल पर संपर्क कर सकते हैं। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने लोगों से आपात स्थिति में 989128109115, 989128109109, 989128109102 और 989932179359 पर संपर्क करने के लिए कहा गया है। तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने किसी भी आपात स्थिति के लिए दो हेल्पलाइन नंबर 972-54-7520711 और 972-54-2428378 जारी किए गए हैं।
ईरान ने दावे को नकारा खामेनेई मारा गया: नेतन्याहू
हालांकि, नहीं दिए संकेत: हमलों के बाद देर रात इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा बयान आया। उन्होंने कहा कि बहुत से ऐसे संकेत मिले हैं कि ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई मारा गया है। हालांकि उन्होंने कोई सबूत नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान को इस हमले से हुए नुकसान से उबरने के लिए कई साल लगेंगे। हमने ईरान के तमाम एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह तबाह कर दिए हैं। इसके बाद ईरान की तरफ से भी बयान आया। ईरान की तरफ से कहा गया कि खामेनेई पूरी तरह सुरक्षित हैं। इससे पहले भी ईरान की तरफ से कहा गया था कि खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।

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