खालिदा जिया: भारत के साथ कनेक्शन से लेकर बांग्लादेश की आयरन लेडी तक...,लोकतंत्र की फाइटर कैसे पहुंची जेल?
बांग्लादेश में एक युग का अंत
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और 'आयरन लेडी' बेगम खालिदा जिया का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 1991 में देश की पहली महिला पीएम बनीं जिया ने आर्थिक सुधारों और लोकतंत्र के लिए लंबा संघर्ष किया। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को ढाका के मानिक मियां एवेन्यू में होगा।
बांग्लादेश: बंगलादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और तीन दशकों से अधिक समय तक देश के राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहीं बेगम खालिदा जिया का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं। उनके बेटे तारिक रहमान, जो स्वेच्छा से ब्रिटेन में निर्वासन में चले गए थे, चुनाव लडऩे और अपनी बीमार मां को देखने के लिए हाल ही में स्वदेश वापस लौटे थे। एक बयान में, बीएनपी ने कहा, बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का आज सुबह 6:00 बजे फज्र की नमाज के तुरंत बाद निधन हो गया।
बता दें कि खालिदा जिया का जन्म साल 1945 में अविभाजित भारत के जलपाईगुड़ी (अब पश्चिम बंगाल) में हुआ था, जिसके कारण उनका भारत से खास नाता जुड़ा हुआ था। विभाजन के बाद उनका परिवार दिनाजपुर चला गया, जहाँ से उनके राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन की नींव पड़ी। इसके बाद साल 1960 में खालिदा जिया ने जियाउर रहमान से शादी की, जो बाद में बांग्लादेश के राष्ट्रपति बने। इसके बाद साल 1981 में पति की हत्या के बाद खालिदा जिया ने राजनीति में कदम रखा और सैन्य शासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उनके अडिग संकल्प के कारण ही बांग्लादेश में उनको 'आयरन लेडी' के नाम से जाना जाता है।
बता दें कि साल 1991 में खालिदा जिया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं और उन्होंने अपने तीनों कार्यकालों के दौरान वैट (VAT) की शुरुआत और शिक्षा के लोकतंत्रीकरण जैसे बड़े आर्थिक सुधार किए। लोकतंत्र के लिए लड़ने वाली जिया को साल 2018 में भ्रष्टाचार के मामलों में करीब 17 साल की जेल हुई। हालांकि, साल 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया था। इसके बाद लंबी बीमारी के बावजूद उन्होंने साल 2026 के चुनावों में प्रचार का संकल्प लिया था। हाल ही में, उनके बेटे तारिक रहमान करीब 17 साल बाद अपने परिवार के साथ वतन वापसी की है।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, बंगलादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का अंतिम संस्कार बुधवार को राजधानी के मानिक मियां एवेन्यू में हो सकता है। प्रोथोम आलो ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि बंगलादेश नेशनलिस्ट पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने कहा, खालिदा जिया का नमाज-ए-जनाजा बुधवार को ढाका के मानिक मियां एवेन्यू में हो सकता है। पार्टी अधिकारियों ने कहा कि बेगम जिया को 23 नवंबर को दिल और फेफड़ों में गंभीर संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें निमोनिया भी था और हाल के दिनों में उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।
उनकी मौत एक युग का अंत है और इससे उनकी पार्टी को चुनावी अभियान में मदद मिलने की संभावना है क्योंकि दिवंगत नेता के प्रति मतदाताओं की सहानुभूति बढऩे की उम्मीद है।
बता दें कि निर्वासित बांग्लादेशी कवयित्री और लेखिका तस्लीमा नसरीन ने यूनी से कहा, बेगम जिया का उत्थान बहुत ही कम समय में हुआ, वे एक साधारण गृहिणी से देश की प्रधानमंत्री बनीं। जेल में बिताए दो वर्षों को छोड़कर उनके जीवन में किसी चीज की कमी नहीं थी। उन्होंने कहा, बेगम जिया ने मेरी कई किताबों पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसकी शुरुआत 'लज्जा' से हुई थी, क्या अब वे प्रतिबंध हटाए जाएंगे? पुरस्कार विजेता लेखिका तस्लीमा ने भविष्यवाणी किया कि उनके बेटे तारिक रहमान चुनाव जीतेंगे। उन्होंने कहा, यह हमारे लिए अच्छा होगा या नहीं मुझे नहीं पता। लेकिन कम से कम बंगलादेश में अभी जो अराजकता हम देख रहे हैं, उसका अंत हो जाएगा।

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