मंडियों और यार्डों का तेजी से होगा विकास : मुख्यमंत्री ने राजस्थान कृषि उपज मण्डी प्रांगण भूमि अर्जन नीति का किया अनुमोदन, 20 प्रतिशत विकसित भूमि आवंटित की जाएगी
22 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की दी स्वीकृति
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मण्डी विकास के लिए राजस्थान कृषि उपज मण्डी प्रांगण भूमि अर्जन नीति को मंजूरी दी है। नई नीति के तहत अवार्ड जारी मामलों में 15% और बिना अवार्ड वाले मामलों में 20% विकसित भूमि आवंटित होगी। इससे नई मण्डियों का निर्माण तेज होगा। साथ ही विभिन्न मण्डियों में 22 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मण्डी विकास से संबंधित भूमि अर्जन की प्रक्रिया पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए राजस्थान कृषि उपज मण्डी प्रांगण भूमि अर्जन नीति का अनुमोदन किया है। इस नीति से मण्डी समितियों के प्रांगण में आधारभूत संरचनाएं सुदृढ़ होने के साथ ही कृषि उपज के विपणन की व्यवस्था अधिक सुगम बनेगी। नीति के अंतर्गत मण्डी विकास की परियोजनाओं से संबंधित भूमि अवाप्ति के जिन मामलों में अवार्ड जारी हो चुका है, ऐसे प्रकरणों में अवाप्त या अवाप्ताधीन कुल भूमि का 15 प्रतिशत विकसित भूमि आवंटित की जाएगी।
20 प्रतिशत विकसित भूमि आवंटित की जाएगी
इसी प्रकार भूमि अवाप्ति के ऐसे मामलें जिनमें अवार्ड जारी नहीं हुआ है, उन प्रकरणों में 20 प्रतिशत विकसित भूमि आवंटित की जाएगी। साथ ही आपसी समझौते से भूमि के अर्जन पर भू-धारकों की ओर से मण्डी समिति को नि:शुल्क नवीन भूमि समर्पित करने पर कुल समर्पित भूमि के बदले 20 प्रतिशत विकसित भूमि आवंटित की जाएगी। इस नीति से भूमि अर्जन कर उपयुक्त स्थानों पर नवीन यार्डों का निर्माण तेजी से संभव हो सकेगा। साथ ही भूमि अवाप्ति से संबंधित लंबित न्यायिक प्रकरणों का निस्तारण भी हो सकेगा।
22 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की दी स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने राज्य की विभिन्न कृषि उपज मण्डी समितियों के विकास के लिए लगभग 22 करोड़ से अधिक कार्यों की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के अनुसार कृषि उपज मण्डी समिति अटरू, बारां, रामगंजमण्डी, गुलाबपुरा, गजसिंहपुर, सुजानगढ़, दूदू, सरदारशहर एवं सूरजपोल, अनाज, जयपुर सहित अन्य मण्डियों में यार्ड निर्माण, विद्युत संबंधी एवं सम्पर्क सड़कों के निर्माण कार्य करवाए जाएंगे। इन कार्यों से व्यापारियों एवं किसानों के लिए मण्डी प्रांगणों में मूलभूत सुविधा सुगमता से उपलब्ध हो सकेंगी।

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