बेटी के लिए न्याय मांगा, तो आधी रात हिरासत में क्यों? खड़गे-राहुल का केन्द्र सरकार से सवाल
अंकिता के माता-पिता पर कार्रवाई से गरमाई सियासत
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को यहां इंडिया गेट से हिरासत में लिये जाने की आलोचना करते हुए उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। खड़गे ने कहा कि केन्द्र सरकार ने सुबह चार बजे पुलिस भेजकर अंकिता के माता-पिता को गिरफ्तार करवा दिया। वीआईपी दुष्यंत गौतम को बचाने के लिए सरकार ने हद पार कर दी है। न्याय की गुहार लगा रहे अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिया जा रहा है, जबकि भाजपा के वीआईपी को राज्यपाल बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे सत्ता के दमन और सवालों से भागने का प्रमाण बताते हुए कहा है कि एक बेटी को खो चुके माता-पिता के साथ ऐसा व्यवहार शर्मनाक और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अंकिता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करती रहेगी।
गांधी ने कहा कि चार साल से अंकिता के परिवार को न्याय नहीं मिला, लेकिन एक वीआईपी आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम जरूर मिला। उन्होंने भाजपा पर महिला-विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लेकर घर से मीलों दूर इंडिया गेट पर बैठने को मजबूर हुई है, लेकिन वहां से उन्हें सुबह चार बजे हटा दिया गया है। इस बीच पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज एक्स पर लिखा कि अंकिता के माता-पिता इंडिया गेट पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहे थे लेकिन उन्हें रात के अंधेरे में हिरासत में ले लिया गया। पार्टी ने इसके लिए सरकार की पुलिस को जिम्मेदार ठहराया और सरकार से सवाल किया कि क्या अपनी बेटी की हत्या के मामले में न्याय मांगना अपराध है और बुजुर्ग माता-पिता को आधी रात में हिरासत में लेने की जरूरत क्यों पड़ी।
पार्टी ने यह भी सवाल किया कि दुष्यंत गौतम भाजपा के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं कि उन्हें बचाने के लिए दुखी माता-पिता को अपमानित किया जा रहा है। कांग्रेस ने कहा कि अंकिता को न्याय मिलना चाहिए, उनके माता-पिता को जवाब मिलना चाहिए और देश की सरकार को बेटियों के साथ खड़ा होना चाहिए, न कि उनके खिलाफ।

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