चुनाव आयोग के तबादला विवाद पर ममता के समर्थन में आए उमर अब्दुल्ला : केवल गैर-भाजपा शासित राज्यों में होते है बड़े पैमाने पर तबादले, बोले- हेरफेर के प्रयास से नहीं बदलेंगे नतीजे
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की आलोचना की
कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम बंगाल में अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादलों पर सवाल उठाते हुए ममता बनर्जी का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ऐसी कार्रवाई केवल गैर-भाजपा राज्यों में दिखती है। अब्दुल्ला ने दावा किया कि अधिकारी नहीं, नेता चुनाव जिताते हैं और किसी भी ‘हेरफेर’ से नतीजे नहीं बदलेंगे—ममता भारी बहुमत से जीतेंगी।
जम्मू। कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा राज्य के बड़ी संख्या में अधिकारियों के तबादले करने के मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति अपना समर्थन जताया है। उन्होंने इन तबादलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसी कार्रवाइयां केवल गैर-भाजपा शासित राज्यों में ही देखने को मिलती हैं। अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अधिकारियों के तबादले चुनाव परिणामों को प्रभावित नहीं कर सकते। उन्होंने लिखा, बड़े पैमाने पर तबादले केवल गैर-भाजपा शासित राज्यों, विशेषकर पश्चिम बंगाल में होते हैं, लेकिन इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है।
हालांकि, पश्चिम बंगाल एक बार फिर वही साबित करेगा, जैसा हमेशा से मेरा मानना रहा है। अधिकारी राजनीतिक दलों के लिए चुनाव नहीं जीतते, बल्कि राजनीतिक दलों के नेता चुनाव जीतते हैं। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, निर्वाचन आयोग द्वारा किये गये किसी भी तरह के हेरफेर के प्रयास से नतीजे नहीं बदलेंगे। मतगणना के दिन ममता दीदी भारी बहुमत से जीत हासिल करेंगी। अब्दुल्ला की यह प्रतिक्रिया बनर्जी के उस पोस्ट के बाद आयी है, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग पर विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल को निशाना बनाने का आरोप लगाया था।

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