तेलंगाना में 3.24 लाख करोड़ रुपये का कर-मुक्त बजट पेश: वर्ष 2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य, इन्दिराम्मा परिवार जीवन बीमा योजना की घोषणा
तेलंगाना बजट 2026-27: ₹3.24 लाख करोड़ का लोकलुभावन रोडमैप
उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने तेलंगाना का कर-मुक्त बजट पेश किया। इसमें इन्दिराम्मा बीमा योजना जैसी नई घोषणाओं के साथ मुफ्त बिजली और बस यात्रा जारी रहेगी। सरकार ने 2034 तक $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर भारी आवंटन के साथ यह बजट सामाजिक न्याय और विकास को समर्पित है।
हैदराबाद। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 3,24,234 करोड़ रुपये का कर-मुक्त बजट पेश किया। इसी दौरान सिंचाई और नागरिक आपूर्ति मंत्री कैप्टन एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने इसे विधान परिषद में प्रस्तुत किया।
कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद यह उसका चौथा बजट है। इसमें कुल राजस्व व्यय 2,34,406 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय 47,267 करोड़ रुपये अनुमानित है। बजट में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, 500 रुपये में गैस सिलेंडर और 200 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी कल्याणकारी योजनाओं को भी जारी रखा गया है। बजट में सरकार ने जून 2026 से 1.15 करोड़ परिवारों के लिए पांच लाख रुपये के कवर वाली इन्दिराम्मा परिवार जीवन बीमा योजना की घोषणा की है।
विक्रमार्क ने अपने बजट भाषण में कहा कि विरासत में मिले कर्ज और वित्तीय दबाव के बावजूद सरकार ने राजकोषीय अनुशासन बहाल किया है और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के आदर्शों के अनुरूप संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य की आर्थिक स्थिति पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि तेलंगाना की जीएसडीपी 17,82,198 करोड़ रुपये है, जिसकी विकास दर 10.7 प्रतिशत है जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। वहीं राज्य में प्रति व्यक्ति आय 4,18,931 रुपये तक पहुंच गई है।
सरकार ने वर्ष 2034 तक एक ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट के माध्यम से 5.75 लाख करोड़ रुपये के निवेश आकर्षित किए गए हैं। इसके अलावा सरकार ने रोजगार को प्राथमिकता देते हुए 67,763 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी किए हैं। क्षेत्रवार आवंटन के तहत शिक्षा के लिए 26,674 करोड़ रुपये, चिकित्सा और स्वास्थ्य के लिए 13,679 करोड़ रुपये, ऊर्जा के लिए 21,285 करोड़ रुपये और कृषि व किसान कल्याण के लिए 23,179 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए अनुसूचित जातियों के लिए 11,784 करोड़, अनुसूचित जनजातियों के लिए 7,937 करोड़, पिछड़ा वर्ग के लिए 12,511 करोड़ और अल्पसंख्यकों के लिए 3,769 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पंचायत राज और ग्रामीण विकास को 33,688 करोड़, सिंचाई को 22,615 करोड़ और शहरी विकास को 17,907 करोड़ रुपये दिए गए हैं। तेलंगाना के वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है। बजट के तहत आईटी क्षेत्र के लिए 875 करोड़ रुपये, उद्योगों के लिए 3,490 करोड़ रुपये और हथकरघा क्षेत्र के लिए 258 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, श्रम कल्याण के लिए 998 करोड़ रुपये और महिला एवं बाल कल्याण विभाग के लिए 3,143 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
राज्य की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गृह विभाग को 11,907 करोड़ रुपये और कानून विभाग को 2,367 करोड़ रुपये दिए गए हैं। पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए 1,224 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिसमें से 500 करोड़ रुपये विशेष रूप से गोदावरी पुष्करालु के आयोजन के लिए आवंटित किये गए हैं।
बजट में शहरी परिवर्तन, ग्रीन मोबिलिटी, सिंचाई विस्तार और कौशल विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। औद्योगिक विकास की गति को बढ़ाने के साथ-साथ हैदराबाद के बुनियादी ढांचे और भारत फ्यूचर सिटी परियोजना को प्राथमिकता दी गई है, जिससे राज्य के शहरी और औद्योगिक परिदृश्य को नयी दिशा मिलने की उम्मीद है।

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