पेपर लीक मामला: केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरा, जेन-जी से किया सड़कों पर उतरने का आह्वान
जेन-जी में सरकार बदलने की ताकत
अरविंद केजरीवाल ने नीट पेपर लीक पर युवाओं (Gen-Z) से संवाद कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में बार-बार होते पेपर लीक पर सवाल उठाए और सीबीआई जांच को महज दिखावा बताया। केजरीवाल ने कहा कि जब पड़ोसी देशों के युवा सरकार बदल सकते हैं, तो भारत के युवा दोषियों को जेल क्यों नहीं भेज सकते?
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि कि पेपर लीक जैसे घिनौने खेल को बंद करने के लिए देश के जेन-जी को सड़कों पर उतर कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना पड़ेगा। केजरीवाल ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर बुधवार को देश के युवाओं (जेन-जी) से सीधा वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने जेन-जी का आह्वान करते हुए कहा कि बहुत हुआ पेपर लीक, अब इस घिनौने खेल को बंद करने के लिए देश के जेन-जी को सड़कों पर उतर कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना पड़ेगा। उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए युवाओं से कहा कि जब वहां जेन-जी अपनी सरकार बदल सकते हैं तो हमारे देश का जेन-जी पेपर लीक कराने में शामिल मंत्रियों-नेताओं को जेल क्यों नहीं भिजवा सकता? हर बार पेपर लीक की जांच सीबीआई को सौंप दी जाती है, लेकिन आजतक किसी को सजा नहीं मिली। इस बार भी कुछ नहीं होने वाला है।
उन्होंने सवाल किया कि ज्यादातर पेपर लीक भाजपा शासित राज्यों में क्यों होते हैं, कुछ लोग सिस्टम फेल होने की बात करते हैं, लेकिन वे लोग ऐसा कहकर अनजाने में पेपर लीक में शामिल टॉप पर बैठे व्यक्ति को बचा रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि यह देश युवाओं का है। इन नेताओं को इस देश में कोई दिलचस्पी नहीं। इनके बच्चे तो विदेशों में पढ़ते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि देश के एक बड़े नेता ने कभी कहा था कि जरूरत पड़ी तो झोला उठाकर चला जाऊंगा, लेकिन हम कहां जाएंगे? हमारा परिवार तो इसी देश में रहता है। इसलिए हमें और युवाओं को मिलकर ही इस देश को बचाना होगा।
उन्होंने कहा कि हर बार की तरह इस बार भी जांच सीबीआई को सौंप दी गई है, हर बार की तरह इस बार भी सीबीआई ने 10-15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हर बार की तरह इस बार भी सभी आरोपी तीन से चार महीने में जमानत पर बाहर आ जाएंगे और हर बार की तरह इस बार भी ये सारे जेल से छूटे हुए बदमाश फिर से अगले साल पेपर लीक करने की तैयारी शुरू कर देंगे। केजरीवाल ने कुछ उदाहरण देकर युवाओं को समझाते हुए कहा कि 2014 में जब से देश में केंद्र सरकार आई है, तब से लेकर अब तक 93 पेपर लीक हुए हैं। इसमें अधिकतर डबल और ट्रिपल इंजन की सरकारों में पेपर लीक हुए हैं।
इन 93 पेपर में देश के लगभग 6 करोड़ युवाओं का भविष्य बंद था। पेपर लीक होने से 6 करोड़ युवाओं का भविष्य बर्बाद हो गया। सबसे ज्यादा पेपर लीक राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात में हुए हैं। इन चारों राज्यों में भाजपा शासित सरकार है। यह कोई इत्तेफाक नहीं है कि इन चारों राज्यों और केंद्र में भाजपा की सरकार है और पेपर लीक हो गया। अभी जो नीट का पेपर लीक हुआ है, उसका केंद्र भी राजस्थान है। पेपर लीक में जिन दो-चार लोगों पर संदेह की सुई गई है, वो भी भाजपा के नेता हैं।
आप नेता ने कहा कि अगर नेपाल और बांग्लादेश का जेन-जी सड़कों पर उतर कर अपनी सरकारों को बदल सकता है तो हमारे देश का जेन-जी पेपर लीक कराने वाले मंत्रियों को जेल नहीं भेज सकता? मुझे अपने देश के जेन-जी पर पूरा भरोसा है कि वह भी मंत्रियों को जेल भेज सकता है। यह देश युवाओं का है। इस देश के नेताओं को इस देश में कोई रूची नहीं है। इस देश के नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं।

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