भारत और अल्जीरिया ने रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जताई सहमति: भारत-वियतनाम रणनीतिक साझेदारी होगी प्रगाढ़, परस्पर सहयोग से दोनों बनेंगे विकसित राष्ट्र 

वियतनाम और अल्जीरिया के साथ भारत का नया अध्याय

भारत और अल्जीरिया ने रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जताई सहमति: भारत-वियतनाम रणनीतिक साझेदारी होगी प्रगाढ़, परस्पर सहयोग से दोनों बनेंगे विकसित राष्ट्र 
पीएम मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लम ने 'विकसित राष्ट्र' बनने के साझा लक्ष्य के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया है। वहीं, भारत और अल्जीरिया ने सैन्य प्रशिक्षण और उद्योगों में सहयोग बढ़ाने हेतु रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह कदम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय सुरक्षा में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत और वियतनाम ने अपनी समग्र रणनीतिक साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ बनाने का निर्णय लिया है और दोनों देश एक-दूसरे के विजन तथा लक्ष्यों में सहयोग करते हुए, विकसित राष्ट्र बनने की अपनी आकांक्षाओं को मिलकर साकार करेंगे। पीएम मोदी ने भारत यात्रा पर आये वियतनाम के राष्ट्रपति तो लम के साथ बुधवार को यहां द्विपक्षीय वार्ता में परस्पर संबंधों के पहलुओं पर व्यापक बातचीत की । इसके बाद पीएम मोदी ने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि तो लम ने अपनी भारत यात्रा की शुरुआत बोध गया से की है। उन्होंने कहा," यह हमारे दोनों देशों की साझा सभ्यतागत और आध्यात्मिक परंपरा को दर्शाता है। उनकी इस यात्रा और सार्थक चर्चाओं से, हम अपनी सद्भावना को कई ठोस परिणामों में बदल रहे हैं।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच एक दशक से समग्र रणनीतिक साझेदारी है और इस दौरान संबंधों में व्यापक प्रगति हुई है । दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन संबंध मजबूत हुए हैं। इस मजबूत नींव पर आगे बढते हुए " आज हम अपने संबंधों को और अधिक मजबूत समग्र रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जा रहे हैं। अब हम अपनी साझेदारी को और ऊँचे लक्ष्यों की ओर अग्रसर करेंगे। संस्कृति, संपर्क, क्षमता निर्माण के साथ-साथ, सुरक्षा, सततता और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला हर क्षेत्र में हमारा सहयोग नए स्तर पर पहुँचेगा।" उन्होंने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल और आर्थिक चुनौतियों के इस दौर में अपनी प्रतिभा, सुशासन और आर्थिक सुधार के बल पर, भारत और वियतनाम दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के रूप में उभर रहे हैं। अब हमारी प्रगाढ़ रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से, हम एक-दूसरे के तेज विकास के सहायक बनेंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में परस्पर सहयोग पर सहमति व्यक्त की है और यह बुद्ध की शिक्षाओं की भावना पर आधारित है। उन्होंने कहा ," जैसा कि बुद्ध की शिक्षाओं की भावना है कि यदि आप किसी और के लिए दीप जलाते हैं, तो वह आपके अपने मार्ग को भी प्रकाशमान करता है। इसी भावना के साथ, हम एक-दूसरे के विजन और लक्ष्यों में सहयोग करते हुए, विकसित राष्ट्र बनने की अपनी आकांक्षाओं को मिलकर साकार करेंगे। हम साथ चलेंगे, साथ बढ़ेंगे, और साथ जीतेंगे।"

भारत और अल्जीरिया ने रक्षा सहयोग का दायरा बढाने तथा इसे और प्रगाढ बनाने पर सहमति जतायी है। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को यहां बताया कि भारत-अल्जीरिया संयुक्त आयोग की मंगलवार को यहां हुई पहली बैठक में यह सहमति बनी। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास, चिकित्सा सहयोग और रक्षा उद्योगों के क्षेत्र में पारस्परिक हित के मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग गतिविधियों को और अधिक विस्तार देने पर सहमति व्यक्त की।

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दोनों देशों ने भारत-अल्जीरिया रक्षा सहयोग के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए उत्तरदायी कार्यप्रणाली नियमों पर हस्ताक्षर किए, यह संयुक्त आयोग की बैठकों के लिए मार्गदर्शक प्रारूप के रूप में कार्य करेंगे। बैठक की सह-अध्यक्षता संयुक्त सचिव (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद और अल्जीरिया की नौसेना के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल कायद नूर एड्डिन ने की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में तीनों सेनाओं, मुख्यालय, एकीकृत रक्षा स्टाफ, रक्षा उत्पादन विभाग, डीआरडीओ, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा और विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल थे।

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भारत और अल्जीरिया के बीच रक्षा संबंध 2024 में रक्षा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद से निरंतर आगे बढ रहे हैं और दोनों पक्षों की उच्च स्तरीय यात्राओं से संबंध और मजबूत हो रहे हैं। अल्जीरिया के नौसेना प्रमुख की यह यात्रा भारत-अल्जीरिया रक्षा संबंधों में एक महत्वपूर्ण पहल है और पारस्परिक हित के क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य करने की दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। बैठक से पहले मेजर जनरल कायद नूर एड्डिन ने यहां राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। अल्जीरिया का प्रतिनिधिमंडल इस यात्रा के दौरान रक्षा उद्योगों के प्रतिनिधियों से भी वार्तालाप करेगा।

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