राहुल गांधी का ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर केंद्र पर वार : पर्यटन स्थल को करोड़ों पेड़ काटकर किया जा रहा बर्बाद, होटल और कैसीनो के लिए हो रहा पर्यावरण का विनाश

परियोजना के तहत प्रवाल भित्तियों को आधिकारिक मानचित्रों से हटाया जा रहा

राहुल गांधी का ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर केंद्र पर वार : पर्यटन स्थल को करोड़ों पेड़ काटकर किया जा रहा बर्बाद, होटल और कैसीनो के लिए हो रहा पर्यावरण का विनाश
विश्व पर्यावरण दिवस पर राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार परियोजना को पर्यावरण और जनजातीय अधिकारों के लिए खतरा बताया। उनका आरोप है कि 1.5 करोड़ पेड़ों की कटाई, कोरल रीफ को नुकसान और लोगों के विस्थापन से द्वीप की प्राकृतिक विरासत नष्ट हो रही है। गांधी ने कहा कि विकास पर्यावरणीय संतुलन के साथ होना चाहिए।

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक ग्रेट निकोबार परियोजना के लिए करीब 1.5 करोड़ पेड़ काटकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाकर इस क्षेत्र की खूबसूरती को बर्बाद किया जा रहा है। गांधी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर सोशल मीडिया एक्स पर शुक्रवार को लिखा कि मैं भारत के दक्षिणतम छोर इंदिरा प्वाइंट गया। वहां सदियों पुराने वृक्षों के बीच चहल कदमी की, समृद्ध समुद्री जीवन और जैव विविधता से भरपूर प्रवाल (कोरल रीफ) भित्तियां और वहां रहने वाले लोगों से बातचीत भी की। जनजातीय समुदायों की जमीन वनाधिकार कानून का उल्लंघन कर छीनी जा रही है और इन द्वीपों पर बसाए गए अनेक पूर्व सैनिकों को भी उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी लोगों को बता रही है कि ग्रेट निकोबार परियोजना रक्षा जरूरतों के लिए है, जबकि ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि आईएनएस बाज के विस्तार की आवश्यकता है, तो कांग्रेस सरकार इसका पूरा समर्थन करेगी, लेकिन नौसेना की यह मांग पिछले 5 वर्षों से लंबित है। कांग्रेस नेता ने कहा कि परियोजना को ट्रांसशिपमेंट पोर्ट के नाम पर भी उचित नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि ऐसा बंदरगाह केरल में पहले से विकसित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस परियोजना के तहत प्रवाल भित्तियों को आधिकारिक मानचित्रों से हटाया जा रहा है तथा सैनिकों और जनजातीय समुदायों को विस्थापित किया जा रहा है, ताकि एक कारोबारी समूह वहां होटल और कैसीनो विकसित कर सके।

गांधी ने कहा कि देश के लोग यह समझते हैं कि किसी भी प्रकार का लाभ उन प्राकृतिक संपदाओं के विनाश की कीमत पर नहीं होना चाहिए, जिन्हें दोबारा प्राप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि वह पर्यावरणीय संतुलन के साथ विकास के पक्षधर हैं और निकोबार द्वीप समूह को दुनिया के सबसे उत्कृष्ट टिकाऊ पर्यटन स्थलों में विकसित किया जा सकता है।  कांग्रेस नेता ने कहा कि यही वह भारत है, जिसके लिए संघर्ष किया जाना चाहिए।

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