डीआरसी में इबोला का प्रकोप: संक्रमितों का आंकड़ा 381 के पार; 63 की मौत, WHO ने घोषित किया हेल्थ इमरजेंसी

233 मरीज स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती

डीआरसी में इबोला का प्रकोप: संक्रमितों का आंकड़ा 381 के पार; 63 की मौत, WHO ने घोषित किया हेल्थ इमरजेंसी
कांगो (DRC) में इबोला वायरस के मामले बढ़कर 381 हो गए हैं, जिनमें 63 की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री रोजर कंब के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय मदद से जांच क्षमता और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (55%) में सुधार हुआ है। तीन प्रांतों में फैले इस प्रकोप को WHO ने वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।

किंशासा। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में इबोला वायरस के पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 381 से अधिक हो गयी है, जिनमें से 63 लोगों की मौत हो चुकी है। डीआरसी के स्वास्थ्य मंत्री रोजर कंब ने गुरुवार शाम को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वर्तमान में लगभग 233 मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। इनमें से कुछ लोगों को जांच रिपोर्ट आने तक अलग रखा गया है, तो कुछ लोगों का बीमारी के लक्षण दिखने बाद इलाज किया जा रहा है। डीआरसी के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ‘अफ़्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र’ से 4,000 से अधिक जांच किट मिलने और अन्य अंतरराष्ट्रीय मदद के बाद देश में जांच करने की क्षमता काफी बेहतर हुई है। इसकी मदद से स्वास्थ्य अधिकारी अब मिलने वाले लगभग सभी नमूनों की जांच कर पा रहे हैं और 24 घंटे के भीतर उसकी रिपोर्ट भी दे रहे हैं।

कंब ने यह भी बताया कि संक्रमित लोगों के संपर्क में आये अन्य लोगों की पहचान करने के काम में काफी सुधार हुआ है। इस अभियान की शुरुआत में केवल नौ प्रतिशत संपर्कों का ही पता चल पा रहा था, जो अब बढ़कर 55 प्रतिशत हो गया है। हमारा लक्ष्य इसे 90 प्रतिशत तक पहुंचाना है, जिससे स्वास्थ्य अधिकारी लगभग सभी संपर्कों की पहचान कर सकेंगे और यह पहले से अनुमान लगा पाएंगे कि नये मामले कहां आ सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बुंडिबुग्यो वायरस के कारण फैला यह प्रकोप अब तक देश के तीन प्रांतों, इतुरी, उत्तर किवु और दक्षिण किवु में फैल चुका है। कांगो ने 15 मई को इबोला के इस प्रकोप की आधिकारिक घोषणा की थी। इसके बाद से स्वास्थ्य अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों ने प्रभावित पूर्वी प्रांतों में जांच, मरीजों को अलग रखने, इलाज करने और संक्रमितों के संपर्क में आये लोगों की तलाश करने के काम को काफी तेज कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बाद में इस बीमारी को अंतरराष्ट्रीय चिंता का एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया था। पड़ोसी देश युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, वहां भी इबोला के 16 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से एक नये मामले की पुष्टि गुरुवार को ही हुई है। 

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