भारी बारिश से मिली राहत: लेकिन खत्म नहीं हुआ मानसून, मुंबई में उमस और छिटपुट बारिश जारी
जलभराव से परेशान नागरिकों को बड़ी राहत
मुंबई। मुंबई और कोंकण क्षेत्र को जुलाई की शुरुआत में हुई भारी बारिश के बाद अब लगभग एक सप्ताह तक भारी बारिश से राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, वर्तमान में इस क्षेत्र में कोई नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत नहीं हैं, जिसके कारण आगामी सप्ताह में बारिश की गतिविधियां धीमी रहने की उम्मीद है। महाराष्ट्र में अगले सात दिनों के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है और विदर्भ को छोड़कर राज्य के किसी भी अन्य क्षेत्र के लिए बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
इन क्षेत्रों में बारिश के कमी का मतलब हालांकि यह नहीं है कि मानसून खत्म हो गया है या वापस लौट गया है। मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ती रहेंगी, लेकिन अगले कुछ दिनों तक लगातार होने वाली भारी बारिश का दौर कम हो जाएगा। हाल ही में हुई भारी बारिश का मुख्य कारण उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र था, जिसने मुंबई, कोंकण और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश लाने में मदद की थी। इसके साथ ही विभाग ने जुलाई के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया है।
जुलाई महीने में देश की मासिक बारिश 280.4 मिमी के दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का लगभग 94 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। महीने के बाद के आधे हिस्से में बारिश की गतिविधियां और भी कम रह सकती हैं। बारिश की रफ्तार धीमी होने के इस अनुमान के बावजूद, मुंबई में इस मानसून में अब तक सामान्य से बहुत ज्यादा बारिश हो चुकी है। एक जून से आठ जुलाई के बीच कोलाबा मौसम केंद्र ने 1,383.8 मिमी बारिश दर्ज की, जबकि सांताक्रूज में 1,530.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इन दोनों केंद्रों पर दर्ज की गयी बारिश इस अवधि के सामान्य आंकड़े से लगभग 80 से 94 प्रतिशत अधिक थी। मुंबई में विशेष रूप से एक से पांच जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश देखी गयी थी, जब शहर के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए गए थे। उस तेज बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया था, जिससे सड़कों पर यातायात धीमा हो गया और लोकल ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुई थीं।
आगामी दिनों में मिलने वाली इस राहत के दौरान मुंबई में बादल छाए रहने, हवा में भारी उमस होने और कभी-कभी बौछारें पड़ने की संभावना है। जुलाई के मध्य के आसपास मौसम की स्थितियां एक बार फिर से भारी बारिश के अनुकूल हो सकती हैं, जो नए मौसम प्रणालियों के विकसित होने पर निर्भर करेगा। अधिकारियों ने नागरिकों को मौसम की अद्यतन जानकारी से अवगत रहने की सलाह दी है क्योंकि मानसून की स्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।

Comment List