मौसम का साथ मिला तो बायलॉजिकल पार्क में खिला ट्यूरिज्म, 20 लाख राजस्व
पर्यटकों से गुलजार हुआ पार्क, झूलो के बीच बच्चों की पिकनिक
कोटा। काली संग गणेश की उछलकूद, राजा बाबू की लुकाछुपी, कदमों की आहट के बीच सुहासिनी की दहाड़ से भेड़ियों में मची हलचल तो एनक्लोजर में चक्कर लगाती महक की झलक और अठखेलियां करते वन्यजीवों के खूबसूरत लम्हों का साक्षी रहा अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क सुहाने मौसम के बीच पर्यटकों से गुलजार रहा।
बच्चों के लिए पार्क में वन्यजीवों का दीदार किसी कहानी की किताब के पन्नों से निकलकर हकीकत में सामने आने जैसा रहा। किड्स प्ले जोन में झूलों पर मस्ती और दूसरी ओर एनक्लोजर में वन्यजीवों की उछल कूद के बीच परिवारों ने बुधवार को पिकनिक और जंगल सफारी जैसा अनुभव लिया। सुबह से शाम तक गो-कार्ट भी दौड़ती रही।
221 दिनों में 50 हजार पर्यटकों ने देखा वन्यजीवों का संसार
अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से 9 अगस्त तक 221 दिनों में करीब 50 हजार पर्यटक पार्क पहुंचे। इनसे सरकार को 20 लाख 68 हजार 700 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। पार्क में बढ़ती पर्यटकों की आवाजाही से पार्क शहरवासियों के लिए वन्यजीवों के दीदार के साथ परिवार के साथ समय बिताने का पसंदीदा डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।
जनवरी में सर्वाधिक पहुंचे पर्यटक
साल की शुरुआत पार्क के लिए सबसे अच्छी रही। जनवरी में करीब 17 हजार पर्यटक अभेड़ा पहुंचे, जो इस अवधि में किसी एक महीने में सबसे अधिक संख्या रही। इन पर्यटकों से सरकार को 6 लाख 85 हजार 500 रुपए का राजस्व मिला।
जुलाई में 3.63 लाख की आय
जनवरी के बाद जुलाई में पार्क को सबसे अधिक राजस्व मिला। इस माह में करीब 6200 पर्यटक पार्क पहुंचे और उनसे 3 लाख 63 हजार 450 रुपए की आय हुई। वहीं, फरवरी में 7400 पर्यटक आने के बावजूद राजस्व 2 लाख 56 हजार रुपए रहा। हालांकि, इसका कारण जून से प्रवेश शुल्क में बढ़ोतरी रही।
टाइग्रेस-लॉयनेस को देख रोमांचित हुए बच्चे
जिन्हें कहानियों-किताबों में देखा-सुना, उन्हें खुली आंखों से अपने सामने देख बच्चे रोमांच से रोमांचित हो उठे। तार फेंसिंग पर चढ़ते फिर ऊंचाई से छलांग लगाते भालू गणेश के करतब ने पर्यटकों को आनंदित कर दिया। बच्चों को नील गाय व हिरणों का झूंड खूब भा रहाहै। बुधवार को बारिश के बीच बड़ी संख्या में शहरवासी परिवार संग बायोलॉजिकल पार्क पहुंचे और जंगल की खामोशी के बीच चहकता जानवरों के संसार में सुकून महसूस किया।
किड्स प्ले जोन ने बढ़ाई परिवारों की खुशी
विज्ञान नगर निवासी अशफाक अहमद और फुरकान अंसारी ने बताया कि वे पहली बार अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क आए हैं। बच्चों के लिए बनाए गए किड्स प्ले जोन में नए झूले आकर्षण का केंद्र हैं। बजरंग नगर से आए मुकेश, कुमकुम, कुलवंती और अभिलाषा तथा संजय नगर निवासी राकेश नामा, प्रियंक और आशा ने बताया कि टाइग्रेस, लॉयनेस, पैंथर, भालू और हिरणों को नजदीक से देखकर बच्चों को काफी रोमांच हुआ।
रविवार को लगा मेला, 1400 से ज्यादा पर्यटक पहुंचे
अवकाश के दिन रविवार को भी पार्क पर्यटकों से गुलजार रहा। सुबह से शाम तक शहरवासी परिवारों के साथ बायोलॉजिकल पार्क पहुंचे। एक ही दिन में 1400 से अधिक पर्यटकों ने पार्क का भ्रमण किया, जिससे करीब 75 हजार रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। बारिश और सुहाने मौसम ने पार्क की रौनक को और बढ़ा दिया।
बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर का नया जोड़ा लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क प्रशासन को पत्र लिखा है। जल्द ही टाइगर जोड़ा आने की उम्मीद है। बच्चों के मनोरंजन के लिए किड्स प्ले जोन विकसित किया गया है, जिसमें आकर्षक झूले लगाए गए हैं। पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने पर विशेष ध्यान है। आगामी दिनों में पार्क के विस्तार के साथ पर्यटक सुविधाओं में और भी इजाफा किया जाएगा।
-प्रमोद कुमार धाकड़, डीएफओ, वन्यजीव विभाग, कोटा

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