कोटा में Gen-Z की नेतृत्व के लिए दस्तक, कई दिग्गजों को दी पटकनी,उम्रदराज प्रत्याशियों को पछाड़ युवा चेहरों ने दर्ज की जीत
दिग्गजों पर भारी पड़ा युवाओं का जोश और जुनून
कोटा। शहरी सरकार के चुनाव नतीजों ने इस बार सियासत की तस्वीर में युवा रंग भर दिए। मतदाताओं ने कई वार्डों में उम्रदराज और अनुभवी चेहरों के बजाय यूथ पर भरोसा जताया। नतीजों में कहीं छात्र राजनीति से निकला चेहरा दिग्गज पर भारी पड़ा तो कहीं निर्दलीय ने दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को पीछे छोड़ दिया। ऐसे में चुनाव परिणामों ने साफ संकेत दिया कि शहर की सियासत में जेन-जी की दस्तक अब केवल मतदान तक सीमित नहीं रही, बल्कि नेतृत्व की कुर्सी तक पहुंच गई है।
युवा पार्षदों की जीत के साथ ही वार्डों के विकास को लेकर उनकी प्राथमिकताएं भी सामने आई हैं। विजयी युवाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया। परिणामों ने राजनीतिक दलों को भी स्पष्ट संदेश दिया है कि नई पीढ़ी अब केवल राजनीति की दर्शक नहीं, बल्कि उसका सक्रिय हिस्सा बनना चाहती है।
दिग्गज को हराकर अर्पित ने लिखी नई इबारत
वार्ड 86 में कांग्रेस के युवा प्रत्याशी और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अर्पित जैन ने भाजपा के दिग्गज नेता एवं पूर्व उप माहापौर योगेंद्र खींची को शिकस्त दी। खींची पूर्व में पांच बार के पार्षद भी रह चुके हैं। ऐसे अनुभवी राजनेता के सामने युवा चेहरे की जीत को शहर की सियासत में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
बागी होकर मैदान में उतरीं रानी, जीत से दोहराया संकल्प
वार्ड 77 में कांग्रेस से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरीं युवा प्रत्याशी रानी जुबैर ने अपने से अधिक उम्र के प्रत्याशियों को पछाड़ते हुए जीत दर्ज की। रानी की जीत ने यह दिखाया कि मतदाता युवा चेहरे के साथ खड़े होने में दलगत समीकरणों से आगे बढ़कर फैसला कर सकते हैं। उन्होंने जीत के साथ विकास के किए वादे का संकल्प दोहराया।
परिणामों में नजर आई युवा तस्वीर
वार्ड 89 में भाजपा प्रत्याशी पुरुषोत्तम यादव ने कांग्रेस की प्रतिभानाथ को हराकर जीत दर्ज की। वहीं वार्ड 55 में कांग्रेस के मनीष भारद्वाज ने अपने से अधिक उम्र के प्रत्याशी मिलापचंद जैन को पराजित किया। इन नतीजों में भी युवा नेतृत्व को मिल रहे समर्थन की तस्वीर नजर आई।
1789 वोट से जीत, जेन जी ने दिखाया दम
वार्ड 81 में भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र राठौर ने अपने प्रतिद्वंदी को 1789 वोटों के बड़े अंतर से हराया। उनकी जीत भी चुनाव में उभरते युवा शक्ति के प्रभाव को रेखांकित करती है।
दोनों दलों को पीछे छोड़ निर्दलीय पर भरोसा
वार्ड 72 का परिणाम भी चर्चा में रहा। यहां निर्दलीय युवा प्रत्याशी राहुल माथूर पर मतदाताओं ने भरोसा जताया। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों के प्रत्याशियों को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। यह परिणाम बताता है कि मतदाता जरूरत पड़ने पर स्थापित राजनीतिक विकल्पों से इतर युवा और स्थानीय चेहरे को भी मौका देने के लिए तैयार हैं।
जमीन पर दिखाएंगे विकास
विज्ञान नगर स्थित वार्ड 58 में प्रत्याशी जोगेंद्र बीरवाल ने भाजपा के 50 से 55 वर्षीय सुरेश लखेरा को हराया। वहीं वार्ड 30 में कांग्रेस की सपना ने भाजपा की प्रेमलता को पराजित कर जीत हासिल की। जीत के बाद उन्होंने युवाओं के भरोसे पर खरा उतरने संकल्प दोहराया।
अब वार्डों में युवा ऊर्जा की परीक्षा
चुनाव परिणामों में युवाओं को मिले इस भरोसे ने उनकी जिम्मेदारी भी बढ़ा दी है। वार्डों की सड़क, सफाई, यातायात, स्ट्रीट लाइट, पार्क, जल निकासी और अवारा मवेशी और कुत्तों के आतंक से मुक्ति सहित अन्य स्थानीय समस्याओं के समाधान की उम्मीद अब इन युवा पार्षदों से होगी। मतदाताओं ने उन्हें बदलाव की उम्मीद के साथ चुना है, ऐसे में आने वाले समय में यह देखना होगा कि युवा ऊर्जा वार्डों के विकास में कितनी तेजी और प्रभाव के साथ दिखाई देती है।

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