मंडी का जाम, सफाई-पानी की किल्लत, आवारा कुत्ते बने परेशानी

नगर निगम परिसीमन के बाद भी नहीं बदले हालात

मंडी का जाम, सफाई-पानी की किल्लत, आवारा कुत्ते बने परेशानी
बिना पार्षद के अधर में अटकीं जनसमस्याएं।

कोटा। नगर निगम के नए परिसीमन के बाद शहर के वार्डों की तस्वीर बदल गई है। वार्डों की सीमाएं बदलने के साथ लोगों को उम्मीद है कि व्यवस्थाएं भी बेहतर होंगी, लेकिन जमीनी हकीकत में समस्याएं अब भी जस की तस नजर आ रही हैं। कहीं सड़कें क्षतिग्रस्त हैं तो कहीं बिना मानक के बनाए गए ब्रेकर लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं। कई कॉलोनियों में पानी की समस्या है, जबकि जगह-जगह झूलते बिजली के तार हादसे का खतरा बढ़ा रहे हैं। स्टेशन क्षेत्र की मस्जिद गली में लगने वाली मंडी के कारण लंबे समय तक जाम लगा रहता है। वहीं भीमगंज मंडी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर लोग परेशान हैं। वार्डवासियों का कहना है कि समस्याओं को लेकर शिकायतें तो होती हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता और फिलहाल वार्ड पार्षद भी नहीं हैं। ऐसे में लोग अपनी समस्या लेकर नगर निगम पहुंचें भी तो आखिर सुनवाई और जिम्मेदारी किसकी तय होगी?

आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक, रात में घर से निकलना मुश्किल
वार्ड में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से वार्डवासी परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गली-मोहल्लों में दिनभर कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों में डर बना रहता है। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोगों के अनुसार कई बार वाहन चालकों पर आवारा कुत्ते हमला कर चुके हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। वार्डवासियों का आरोप है कि समस्या को लेकर नगर निगम में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने निगम से अभियान चलाकर आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।

मस्जिद गली में जाम से राहगीरों होती परेशानी
स्टेशन क्षेत्र में मस्जिद गली में लगने वाली मंडी स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। मंडी के दौरान सड़क पर भीड़ और वाहनों का दबाव बढ़ जाता है, जिससे कई बार लंबे समय तक जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंडी के लिए व्यवस्थित व्यवस्था और यातायात प्रबंधन किया जाए तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

पार्षद नहीं, अब शिकायत लेकर जाएं कहां?
परिसीमन के बाद वार्ड तो नए बन गए, लेकिन फिलहाल पार्षद नहीं हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के सामने अपनी समस्याएं रखने को लेकर असमंजस की स्थिति है। वार्डवासियों का कहना है कि नगर निगम में शिकायत करने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं रहता कि समस्या के समाधान की जिम्मेदारी किसकी है। लोगों की मांग है कि चुनाव और नई व्यवस्था तक निगम को प्रत्येक वार्ड में शिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए स्पष्ट व्यवस्था करनी चाहिए।

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झूलते तार दे रहे हादसे को न्योता
वार्डों के कई क्षेत्रों में बिजली के झूलते तार भी बड़ी समस्या हैं। तार कई जगह नीचे तक लटक रहे हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। लोगों ने बिजली निगम से ऐसे तारों को व्यवस्थित करने और जर्जर विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।

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नए वार्ड और वार्ड नंबर के क्षेत्र
वार्ड नंबर 11: नया भदाना, बेरवा का मोहल्ला, रिद्धि-सिद्धि नगर, समस्त सरस्वती कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, अंबेडकर नगर, जगदंबा कॉलोनी, पुराना भदाना, भदाना की टापरियां, आरके कॉलोनी, शहीद भगत सिंह कॉलोनी, बाबा कॉलोनी।

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वार्ड नंबर 12: बापू कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी, बोहरा की बगीची, कैलाशपुरी, गणेशपुरा, राजीव नगर, कच्ची बस्ती, पार्वती कॉलोनी, प्रताप कॉलोनी, मिल वाले बाबा, गोपाल मिल, महावीर कॉलोनी।

वार्ड नंबर 13: मस्जिद गली, सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन क्षेत्र, नेहरू नगर, हरिजन बस्ती, तेलघर, इमामबाड़ा, संजय नगर, हुसैनी नगर।

वार्ड नंबर 14: संपूर्ण चोपड़ा फार्म, मानसिंह बिल्डिंग, राधा-कृष्ण मंदिर, शंकर भवन, लालबाई माता मंदिर, विजयवर्गीय मेडिकल, दानमलजी का आहता क्षेत्र।

वार्ड नंबर 15: मॉडल टाउन, आदर्श कॉलोनी, तिलक कॉलोनी, विवेकानंद कॉलोनी, सुरपीन होटल, मिलिट्री क्षेत्र, भीमगंज मंडी थाना, अजय आहूजा स्कूल, नगर निगम सेक्टर कार्यालय, जवाहरलाल नेहरू स्कूल, आर्य समाज, चर्च, निर्मला स्कूल, इनामी भवन, राजेंद्र होटल, आनंद विहार, मुर्गी फार्म हाउस, शांति नगर, सॉयल कंजर्वेशन क्षेत्र।

जब उन्होंने चुनाव लड़ा था, तब वार्ड में महज 10 से 20 प्रतिशत तक ही विकास कार्य हुए थे। इसके बाद उन्होंने अपने कार्यकाल में करीब 90 प्रतिशत विकास कार्य करवाए। वार्डवासियों के राशन कार्ड और आधार कार्ड बनवाने से लेकर हर गली में सड़क निर्माण तक, उन्होंने जनसुविधाओं से जुड़े कार्य प्राथमिकता से करवाए।
- संदीप नायक, पूर्व पार्षद

पार्षद बनने के बाद शुरुआती ढाई साल में वार्ड में तेजी से विकास कार्य करवाए गए। इसके बाद सरकार बदलने के साथ ही विकास कार्य लगभग ठप हो गए। उनका आरोप है कि अधिकारी आम पार्षदों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते थे और उन्हीं कार्यों को प्राथमिकता मिलती थी, जिनके लिए कैंप कार्यालय से फोन आता था।
- हेमलता गौतम, पूर्व पार्षद

पूर्व पार्षद के कार्यकाल में वार्ड में करोड़ों रुपए के विकास कार्य करवाए गए। सफाई व्यवस्था को लेकर समय-समय पर समस्या जरूर रही, लेकिन शिकायतों के बाद इसमें भी सुधार करवाया गया।
-प्रदीप राठौर, वार्डवासी

वार्ड नंबर 15 में आने वाले भीमगंज मंडी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह गंदगी दिखाई देती है। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग होनी चाहिए, ताकि क्षेत्र में गंदगी जमा नहीं हो।
-गोपाल लाल, वार्डवासी

नए वार्डों में शामिल कई क्षेत्रों में पेयजल की समस्या भी सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से परेशानी होती है। वहीं कई इलाकों की सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण और मरम्मत में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। कई स्थानों पर बिना मानक के बने ब्रेकर भी वाहन चालकों के लिए परेशानी बने हुए हैं।
-जेडी सिकरवार, वार्डवासी

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