बीसी के नाम पर सैकड़ों लोगों से 8 से 10 करोड़ की ठगी , मुकदमा दर्ज
चेक बाउंस होने पर खुला मामला
कोटा। बीसी (कमेटी) चलाने के नाम पर सैकड़ों लोगों से करीब 8 से 10 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। आरके पुरम थाना पुलिस ने परिवादी जितेन्द्र पालीवाल की रिपोर्ट पर आरोपी कृष्ण मुरारी माहेश्वरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 316(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एसआई जगदीशराम को सौंपी गई है।
मामले में परिवादी जितेन्द्र पालीवाल निवासी केशवपुरा ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि आरोपी कृष्ण मुरारी माहेश्वरी निवासी आरके पुरम, मुक्तिधाम के पीछे, अलग-अलग बीसी कमेटियां चलाता था। वह लोगों को विभिन्न लाभ और गिफ्ट देने का लालच देकर हर महीने 2 से 5 हजार रुपए तक जमा करवाता था। बीसी पूरी होने पर नियमानुसार राशि लौटाने का आश्वासन दिया जाता था। मामले में गुरुवार को तरुण गोयल के साथ अन्य 17 लाेगों ने थाने पर शिकायत दी । अब तक थाने पर 18 पीड़ित लोग शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। पुलिस ने सभी शिकायतों पर अनुसंधान शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी मुकदमा दर्ज होने के बाद से फरार चल रहा है। आरोपी को तलाश किया जा रहा है।
तीन साल से राशि वापस लेने के लिए परेशान
परिवादी ने रिपोर्ट में बताया कि बीसी पूरी होने के बाद कई लोगों को उनकी जमा राशि वापस नहीं मिली। उसने भी अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगा। बाद में फोन उठाना और मिलने से भी इनकार कर दिया। कुछ लोगों को डायरियां वापस लेकर चेक दिए गए, लेकिन बैंक खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने से चेक बाउंस हो गए।
कार्रवाई करने पर धमकाने का आरोप
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आरोपी के घर जाकर राशि मांगने वाले लोगों को कानूनी कार्रवाई करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। इसके चलते कई पीड़ित कार्रवाई करने से डर रहे हैं। परिवादी ने बताया कि उसे पिछले करीब तीन साल से आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बैंक लेन-देन और दस्तावेजों की जांच की मांग
परिवादी के मुताबिक, आरोपी ने करीब 500 से 1000 लोगों से 8 से 10 करोड़ रुपए तक जमा किए जाने की आशंका है। वास्तविक राशि और पीड़ितों की संख्या जांच में सामने आएगी। उसने पुलिस से आरोपी के बैंक खातों, लेन-देन, मोबाइल नंबर, बीसी योजनाओं और दस्तावेजों की जांच कर पीड़ितों की राशि वापस दिलाने की मांग की है। परिवादी ने आरोपी की डायरियों की फोटो प्रतियां, चेक की फोटो कॉपी, बीसी स्कीम के दस्तावेज और अन्य पीड़ितों की सूची पुलिस को उपलब्ध कराई है।
इनका कहना है
मामले में अनुसंधान किया जा रहा है, अभी बयान लिए जा रहे हैं। पैसे जमा करवाने की रसीद,पर्चियों सहित दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी जालसाजी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
- जगदीशराम विश्नोई , एसआई एवं अनुसंधान अधिकारी थाना आरकेपुरम कोटा शहर

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