एसएमएस अस्पताल में राज्य का पहला बाल लिवर ट्रांसप्लांट सफल, 15 वर्षीय किशोर को मिला नया जीवन
17 सितंबर को अस्पताल से डिस्चार्ज किया
जयपुर। सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में राज्य का पहला सफल पीडियाट्रिक लिवर ट्रांसप्लांट किया गया। गंभीर अवस्था में भर्ती 15 वर्षीय किशोर का सफल प्रत्यारोपण करने के बाद उसे पूरी तरह स्वस्थ होने पर गुरुवार, 17 सितंबर को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। लाखों रुपये की लागत वाली यह जटिल सर्जरी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY) के तहत मरीज के लिए पूरी तरह निशुल्क की गई। इस ट्रांसप्लांट के लिए लिवर 9 वर्षीय ब्रेन-डेड बच्ची के अंगदान से उपलब्ध हुआ। बच्ची के परिजनों की सहमति के बाद 29 अगस्त को जोधपुर से जयपुर तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लिवर को कम समय में एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सफल प्रत्यारोपण किया।
अंगदान के बाद अंगों के आवंटन की प्रक्रिया संयुक्त निदेशक डॉ. चित्रा सिंह और SOTO राजस्थान की एसएमएस मेडिकल कॉलेज टीम ने पूरी की। यह राजस्थान का 86वां कैडेवर अंगदान था, जबकि एसएमएस अस्पताल में अब तक 37 कैडेवर अंगदान हो चुके हैं। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी और अस्पताल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने से जरूरतमंद परिवारों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

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