KPSC में भ्रष्टाचार के आरोपों पर कांग्रेस नेताओं का दबाव, शिवकुमार से भर्ती प्रक्रिया रद्द करने की मांग
यूपीएससी के नियम, विनियम और प्रक्रियाएं लागू करने का आग्रह
बेंगलुरु। कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में "बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार" के आरोपों के बीच कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार को मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार पर कथित तौर पर विवादों में घिरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तर्ज पर आयोग में व्यापक बदलाव करने का दबाव बनाया। कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने डी. के. शिवकुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और कथित तौर पर भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी भर्ती प्रक्रिया रद्द करने तथा केपीएससी की भर्ती व्यवस्था में पूरी तरह बदलाव की मांग की।
नेताओं ने शिवकुमार से केपीएससी में यूपीएससी द्वारा अपनाये जाने वाले नियम, विनियम और प्रक्रियाएं लागू करने का आग्रह किया, ताकि सरकारी भर्तियों में अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने केपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उम्मीदवारों के हितों की रक्षा और राज्य की भर्ती व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी भर्ती प्रक्रिया को जारी रखने के बजाय रद्द किया जाना चाहिए, ताकि विवाद का आयोग के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों की विश्वसनीयता पर असर न पड़े। कांग्रेस नेताओं ने केपीएससी के कामकाज में व्यापक सुधार की भी मांग की, जिसमें परीक्षा और चयन प्रक्रियाओं में मजबूत सुरक्षा उपाय शामिल हैं। उन्होंने शिवकुमार से व्यक्तिगत पहल करते हुए आयोग में व्यापक बदलाव करने और यूपीएससी की तर्ज पर भर्ती व्यवस्था स्थापित करने का आग्रह किया।
ज्ञापन में पारदर्शी और त्रुटिरहित प्रक्रियाएं अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि सरकारी पदों पर भर्ती योग्यता के आधार पर हो और उम्मीदवारों को गड़बड़ी एवं अनियमितताओं से बचाया जा सके। नेताओं ने कहा कि केपीएससी में यूपीएससी की तर्ज पर प्रक्रियाएं अपनाने से संस्थागत जवाबदेही मजबूत करने और राज्य की प्रमुख भर्ती एजेंसी में जनता का विश्वास बहाल करने में मदद मिलेगी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से अपनी मांगों पर विचार कर जल्द उचित कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया।

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