यूपीआई पेमेंट पर टैक्स का विरोध : सारा भार आम जनता पर आएगा, बनेचंद जैन- व्यापारी अपनी जेब से नहीं देंगे
मुख्य कारण सरकारी विभागों में फैला भारी भ्रष्टाचार
जयपुर। ऑल राजस्थान एग्रीकल्चर ट्रेड एंड इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष बनेचंद जैन ने केंद्र सरकार द्वारा यूपीआई (UPI) पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत टैक्स लगाए जाने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इस नए टैक्स का सारा वित्तीय भार अंततः देश की आम जनता की जेब पर ही आएगा। कोई भी व्यापारी अपनी जेब से यूपीआई टैक्स का भुगतान नहीं करेगा। सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के कारण सरकार घाटे मेंएसोसिएशन के अध्यक्ष ने सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार जनता से अनगिनत टैक्स वसूल रही है, इसके बावजूद वह हमेशा घाटे में ही रहती है।
इसका मुख्य कारण सरकारी विभागों में फैला भारी भ्रष्टाचार है। आज स्थिति यह हो चुकी है कि हर सरकारी विभाग में काम करवाने के लिए कमीशन देना पड़ता है।टैक्सों की लंबी सूची पर उठाए सवाल बनेचंद जैन ने सरकार से सवाल पूछते हुए कहा, "आयकर, जीएसटी, रोड टैक्स, सर्विस टैक्स, नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स), रजिस्ट्री चार्ज, पासपोर्ट चार्ज, टोल टैक्स और लैंड कन्वर्शन चार्ज जैसे न जाने कितने टैक्स जनता पहले से ही चुका रही है। अब आप जनता से और क्या लेंगे?"उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि एसोसिएशन इस डिजिटल ट्रांजैक्शन टैक्स का पूरी तरह विरोध करती है और सरकार को इस फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए। अगर भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं कसी गई, तो सरकार चाहे जितने भी नए टैक्स लगा ले, वह हमेशा घाटे में ही रहेगी।

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