रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, छह सूचीबद्ध रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट ने एक तिमाही में निवेशकों को बांटे 3,136 करोड़ रुपए

कार्यप्रणाली, निवेश के विकल्प और संभावित लाभों की जानकारी

रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, छह सूचीबद्ध रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट ने एक तिमाही में निवेशकों को बांटे 3,136 करोड़ रुपए
इंडियन रियल एस्टेट एसोसिएशन (आईआरए) ने जयपुर में पहली बार रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (आरईआईटी) जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य निवेशकों को आरईआईटी की कार्यप्रणाली, निवेश के विकल्प और इससे मिलने वाले संभावित लाभों की जानकारी देना था।

जयपुर। इंडियन रियल एस्टेट एसोसिएशन (आईआरए) ने जयपुर में पहली बार रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (आरईआईटी) जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य निवेशकों को आरईआईटी की कार्यप्रणाली, निवेश के विकल्प और इससे मिलने वाले संभावित लाभों की जानकारी देना था। एसोसिएशन के अनुसार, ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से निवेशकों को आरईआईटी को एक निवेश विकल्प के रूप में समझने में मदद मिलेगी।

भारत में आरईआईटी की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी। इसके बाद इस क्षेत्र का विस्तार हुआ है। वर्तमान में भारतीय शेयर बाजार में छह आरईआईटी सूचीबद्ध हैं। ये आरईआईटी कार्यालय और खुदरा परिसंपत्तियों में निवेश से जुड़े हैं।

कार्यक्रम में माइंडस्पेस आरईआईटी के फंडिंग एवं विलय तथा अधिग्रहण विभाग के प्रमुख केदार कुलकर्णी ने आरईआईटी की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरईआईटी ऐसे निवेश उत्पाद हैं, जिनके तहत निवेशकों के पैसे से कार्यालयों और शॉपिंग सेंटर जैसी व्यावसायिक संपत्तियों में निवेश किया जाता है। इन संपत्तियों से नियमित किराया आय प्राप्त होती है और उसका एक हिस्सा निवेशकों को दिया जाता है। आरईआईटी की इकाइयां शेयरों की तरह शेयर बाजार में सूचीबद्ध होती हैं, जिससे उनकी खरीद-बिक्री संभव है।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के अनुसार, सूचीबद्ध आरईआईटी को अपनी वितरण योग्य शुद्ध नकद आय का कम से कम 90 प्रतिशत हिस्सा निवेशकों को देना होता है। यह भुगतान वर्ष में कम से कम दो बार किया जाना जरूरी है। हालांकि, भारत के सभी छह आरईआईटी फिलहाल निवेशकों को तिमाही आधार पर भुगतान कर रहे हैं।

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एक नजर में आरईआईटी क्षेत्र :

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वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में छह सूचीबद्ध आरईआईटी ने 4.85 लाख से अधिक इकाईधारकों को 3,136 करोड़ रुपए वितरित किए।

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छह आरईआईटी की कुल परिसंपत्तियां प्रबंधन के तहत 3.17 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहीं।

11 अगस्त 2026 तक क्षेत्र का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 2.17 लाख करोड़ रुपए से अधिक था।

छह आरईआईटी देशभर में 21.4 करोड़ वर्गफुट से अधिक ग्रेड-ए कार्यालय और खुदरा क्षेत्र का प्रबंधन करते हैं।

स्थापना से अब तक सूचीबद्ध आरईआईटी निवेशकों को 34,800 करोड़ रुपए से अधिक वितरित कर चुके हैं।

कार्यक्रम में नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट के मुख्य वित्तीय अधिकारी और इंडियन रियल एस्टेट एसोसिएशन की कार्यकारी समिति के सदस्य नीरज  तोषिनीवाल ने कहा कि अलग-अलग निवेश विकल्पों के अलग-अलग उद्देश्य और लाभ होते हैं। आरईआईटी नियमित आय के साथ लंबे समय में निवेश की गई राशि के मूल्य में बढ़ोतरी की संभावना भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि जयपुर में निवेशकों के बीच वित्तीय निवेश को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और आरईआईटी को विविध निवेश विकल्प के तौर पर समझना उपयोगी हो सकता है।

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