हार गए रामबाबू झालानी, लेकिन हौसला नहीं टूटा : दिव्यांग निर्दलीय प्रत्याशी ने पेश की जज्बे की मिसाल
चुनाव परिणाम को सहजता से स्वीकार किया
जयपुर। नगर निगम चुनाव की मतगणना में वार्ड नंबर 104 से निर्दलीय प्रत्याशी रामबाबू झालानी को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन चुनाव परिणाम ने उनके हौसले को नहीं तोड़ा। दिव्यांग होने के बावजूद झालानी पूरे उत्साह के साथ मतगणना केंद्र पहुंचे और चुनाव परिणाम को सहजता से स्वीकार किया।
रामबाबू झालानी का चुनाव मैदान में उतरना ही अपने आप में जज्बे की मिसाल रहा। उन्होंने वार्ड के मतदाताओं के बीच पहुंचकर अपनी बात रखी और पूरी मजबूती से चुनाव लड़ा। हालांकि परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहा, लेकिन चेहरे पर मायूसी के बजाय आगे भी लोगों के लिए काम करने का संकल्प नजर आया। इस चुनाव में वार्ड नंबर 104 से भाजपा प्रत्याशी ज्ञानचंद खंडेलवाल ने जीत दर्ज की।
वहीं, मतगणना केंद्र पर दिव्यांग प्रत्याशी और लोगों के लिए समुचित सुविधाएं नहीं होने का मुद्दा भी सामने आया। झालानी को मतगणना स्थल पर आने-जाने और बैठने में परेशानी का सामना करना पड़ा। उनका कहना था कि चुनाव प्रक्रिया में दिव्यांगों की भागीदारी बढ़ाने की बात तो होती है, लेकिन मतदान और मतगणना केंद्रों पर उनकी सुविधा का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जाता।
हार के बावजूद रामबाबू का हौसला कायम रहा। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम भले ही पक्ष में नहीं आया, लेकिन जनता की सेवा का जज्बा आगे भी बरकरार रहेगा।

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