जातीय जनगणना को लेकर कमलेश्वर पटेल का केंद्र पर हमला, बोले- सरकार घोषणा के बावजूद मूल स्वरूप में लागू नहीं कर रही
तेलंगाना मॉडल की तर्ज पर पूरे देश में पारदर्शी आंकड़े जुटाने की उठाई मांग
प्रयागराज। मध्य प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री कमलेश्वर पटेल ने जातीय जनगणना को लेकर केंद्र की केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस कार्यकारी समिति के सदस्य और पूर्व राज्य मंत्री पटेल ने यहां कहा है कि हमारे नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 2023 से लगातार लोगों के लिए सामाजिक न्याय की मांग कर रहे हैं। इसके लिए सही जातीय जनगणना होनी चाहिए। जातीय जनगणना में किस वर्ग के कितने लोग देश में रह रहे हैं, यह जानकारी सरकार के पास होनी चाहिए। जिससे सभी जातियों के लिए सही नीति बनाई जा सके। उनकी सामाजिक, आर्थिक दिशा में उनकी तरक्की हो सके, प्रशासनिक व्यवस्थाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो। इसके अलावा संवैधानिक व्यवस्थाओं में उनकी भागीदारी हो।
कांग्रेस नेता ने कहा है कि राहुल गांधी के दबाव में ही केंद्र सरकार ने 2025 में जातीय जनगणना की अधिसूचना जारी की है। जातीय जनगणना की मांग को लेकर भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से 2023 में राहुल गांधी ने आवाज भी उठाई। जिसके बाद सरकार को जातीय जनगणना के लिए बाध्य होना पड़ा। क्योंकि उनको लगा कि अब देश की जनता, पिछड़े, अति पिछड़े और सभी वर्ग के लोग यह जानना चाहते हैं,कि उनकी कितनी आबादी है, कितनी जनसंख्या है, और उनकी कितनी हिस्सेदारी है।
कमलेश्वर पटेल ने कहा है की जातीय जनगणना से ही सामाजिक न्याय हो सकेगा। लेकिन जातीय जनगणना को लेकर केंद्र सरकार का दोहरा चरित्र सामने आ रहा है। क्योंकि उन्होंने जातीय जनगणना की घोषणा तो कर दी, लेकिन जातीय जनगणना का जो मूल स्वरूप है, उस स्वरूप में उसे लागू नहीं कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि जिस तरह से तेलंगाना सरकार ने वैज्ञानिक तरीके से तीन करोड़ 55 लाख नागरिकों की जातीय जनगणना कराई है। उसका डेटा लेकर राहुल गांधी और खड़गे ने पीएम को पत्र भी लिखा है। उन्होंने इसी तर्ज पर केंद्र सरकार से जातीय जनगणना पूरे देश में कराए जाने की मांग की है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार की नीयत में खोट लग रहा है। क्योंकि केंद्र सरकार नहीं चाहती हैं कि देश में किस वर्ग के कितने लोग हैं, उनकी सही जानकारी उनके पास हो। सरकार सिर्फ राजनीति करना चाहती हैं। पिछड़ों, अति पिछड़ों का वोट तो लेना चाहते हैं, पर उनकी सही आबादी कितनी है, कितनी कौन सी जाति की जनसंख्या है, वो यह बताना नहीं चाहते, इसे छिपाना चाहते हैं और उनको सामाजिक न्याय नहीं देना चाहते।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का जिस तरह का एजेंडा रहता है, धर्म के नाम पे राजनीति करने का, वही यह लोग काम कर रहे हैं। और जाति और धर्म के नाम पे बांटने का काम तो करते हैं, पर लोगों को जो मूलभूत सुविधाएं हैं। जो न्याय से वंचित हैं ,उनको न्याय देने में कहीं ना कहीं कोताही बरतने का काम कर रहे हैं।

Comment List