गणेश महोत्सव : रोज 10 लाख के केले और 50 हजार के फूल बिक रहे
गणेश महोत्सव से बाजार में बंपर कमाई
कोटा। गणेश महोत्सव शुरू होते ही बाजार में कारोबार ने रफ्तार पकड़ ली है। थोक फल-सब्जी मंडी में रोजाना 3 से 4 गाड़ी केले पहुंच रहे हैं, जिनकी करीब 10 लाख रुपए की बिक्री हो रही है। वहीं फूल मंडी में प्रतिदिन करीब 50 हजार रुपए के फूल बिक रहे हैं। खुदरा बाजार में फूल-माला, नारियल, पूजन सामग्री, फल और लड्डुओं की बिक्री भी करीब दोगुनी हो गई है। व्यापारियों के मुताबिक गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक किराने का करीब 300 से 400 करोड़ रुपए का कारोबार होने का अनुमान है। त्योहारों का सिलसिला दीपावली तक जारी रहने से बाजार में मांग और बढ़ने की उम्मीद है।
गणेश महोत्सव के साथ ही शहर में पर्वों का सिलसिला शुरू हो गया है। जगह-जगह गणपति की स्थापना की गई है। मंदिरों, गली-मोहल्लों और चौराहों पर सुबह-शाम भजन व धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं। इससे मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। लोग दर्शन के साथ फूल-माला, नारियल, फल और अन्य पूजन सामग्री खरीद रहे हैं। इसका सीधा असर बाजार के कारोबार पर दिखाई दे रहा है।
छोटे दुकानदारों की भी बढ़ी कमाई
बोरखेड़ा मंडी में सड़क किनारे ठेला लगाकर फल बेचने वाले व्यापारी मोहन ने बताया कि गणेश महोत्सव के दौरान रोज करीब चार कैरेट केले बिक रहे हैं। इससे लगभग 1,000 रुपए प्रतिदिन की कमाई हो रही है। महोत्सव से पहले रोजाना 350 से 550 रुपए की बिक्री होती थी। उनका कहना है कि उस कमाई से घर चलाना भी मुश्किल हो जाता था। फूल-माला और पूजन सामग्री बेचने वाले दीपक ने बताया कि अब रोजाना 700 से 800 रुपए का कारोबार हो रहा है। वहीं मिठाई विक्रेता कृष्ण मुरारी के अनुसार प्रतिदिन 10 से 12 किलो लड्डू बिक रहे हैं। इसके अलावा प्रसाद के लिए अन्य मिठाइयों की बिक्री भी हो रही है।
गुजरात-महाराष्ट्र से आ रहे केले
थोक फल-सब्जी मंडी के महासचिव शब्बीर भाई ने बताया कि गणेश महोत्सव में सबसे ज्यादा मांग केले की है। मंडी में रोजाना 3 से 4 गाड़ी केले आ रहे हैं। गुजरात और महाराष्ट्र से केले की आवक होती है। एक गाड़ी में करीब 12 टन केले आते हैं। चार गाड़ियों के माल की औसतन 10 लाख रुपए प्रतिदिन बिक्री हो रही है।
रोज 50 हजार रुपए के फूलों का कारोबार
श्री महात्सव ज्योतिबा फुले किसान फूल मंडी के अध्यक्ष प्रकाश कच्छावा ने बताया कि मंडी में प्रतिदिन करीब पांच गाड़ी फूल आ रहे हैं। एक गाड़ी में करीब 200 से 250 किलो फूल होते हैं। आवक के अनुसार मात्रा में कुछ अंतर रहता है। पांचों गाड़ियों के फूलों की कीमत करीब 50 हजार रुपए प्रतिदिन है। आने वाले त्योहारों को देखते हुए फूलों की मांग और बढ़ने की संभावना है।
किराना बाजार में भी बढ़ी मांग
पुरानी सब्जी मंडी व्यापार संघ के अध्यक्ष पवन दुआ ने बताया कि गणेश महोत्सव के साथ त्योहारों की शुरुआत हो जाती है। इन दिनों किराना बाजार में बेसन, खोपरा और ड्राई फ्रूट्स की मांग बढ़ गई है। मंदिरों में बांटने के लिए विशेष प्रसाद तैयार कराया जा रहा है। कई जगह भंडारे शुरू हो चुके हैं, जबकि कई स्थानों पर आयोजन होना बाकी है। अनंत चतुर्दशी पर हलवा-पूरी, कचौरी, समोसा सहित अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री भी बढ़ती है। ऐसे में त्योहारों का यह सीजन कारोबारियों के लिए दीपावली तक बाजार में अच्छी मांग बनाए रखने वाला साबित हो सकता है। ऐसे में गणेश चतुर्थी से अनंत चतुदर्शी तक करीब 300 से 400 करोड़ व्यापार होने का अनुमान है।
घास की डिमांड भी बढ़ी
गणेश महोत्सव को लेकर गाय को खिलाने के लिए घास की डिमांड भी बढ़ ्गई है। सड़क किराने घास बेचने वाली सुशीला ने बताया कि वह पिछले कई माह से सड़क पर घास बेच रही है। सुबह के समय काफी लोग मंदिर दर्शनों के लिए आते हैं। ऐसे में गायों को खिलाने के लिए वह घास भी खरीदते हैं, कोई 10 तो कोई 20 रुपए का घास खरीदकर गायों को खिलाता है। ऐसे में सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक करीब 700 से 800 रुपए की बिक्री हो जाती है।

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