असर खबर का : चीनी के भंडारण पर शिकंजा, घटाई डीलरों की स्टॉक सीमा

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने जारी किए निर्देश

असर खबर का : चीनी के भंडारण पर शिकंजा, घटाई डीलरों की स्टॉक सीमा
अब 4 हजार की जगह 2 हजार क्विंटल ही रख सकेंगे स्टॉक।

कोटा। त्योहारी सीजन से पहले सरकार चीनी की कीमतों पर लगाम कसने की तैयारी में जुट गई है। ऐसे में चीनी कारोबार और स्टॉक पर केंद्र सरकार ने निगरानी और कड़ी कर दी है। चीनी की जमाखोरी और अनावश्यक भंडारण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सरकार ने डीलरों के लिए निर्धारित स्टॉक सीमा में बड़ा बदलाव किया है। 15 सितंबर 2026 से चीनी डीलर अधिकतम 2,000 क्विंटल तक ही चीनी का स्टॉक रख सकेंगे। पहले यह सीमा 4,000 क्विंटल थी। यानी डीलरों के लिए अनुमत अधिकतम स्टॉक को आधा कर दिया गया है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने संशोधित स्टॉक सीमा के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

हर शुक्रवार देना होगा स्टॉक का अपडेट
सरकार ने डीलरों के लिए स्टॉक की जानकारी देने की प्रक्रिया भी स्पष्ट कर दी है। प्रत्येक डीलर को पहले फूड स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के तुरंत बाद उसके पास उपलब्ध मौजूदा चीनी स्टॉक की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इसके बाद हर शुक्रवार को अपने स्टॉक की स्थिति अपडेट करना अनिवार्य होगा। इससे बाजार में चीनी के भंडारण की स्थिति की नियमित निगरानी की जा सकेगी और स्टॉक में अचानक होने वाले बदलावों का भी पता लगाया जा सकेगा। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को डीलरों द्वारा घोषित चीनी स्टॉक का समय-समय पर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। अर्थात डीलर ने पोर्टल पर जितना स्टॉक घोषित किया है, मौके पर वास्तव में उतनी ही मात्रा उपलब्ध है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी।

गलत जानकारी दी तो कार्रवाई तय
सरकार ने स्टॉक संबंधी जानकारी में लापरवाही को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराने, गलत या अधूरी जानकारी देने अथवा निर्धारित समय पर स्टॉक अपडेट नहीं करने के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इससे चीनी कारोबारियों पर स्टॉक की सही जानकारी उपलब्ध कराने और निर्धारित सीमा का पालन करने की जिम्मेदारी बढ़ गई है। पहले डीलरों के लिए अधिकतम स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल निर्धारित की गई थी और चीनी प्राप्त होने की तारीख से अधिकतम 30 दिनों तक स्टॉक रखने की अनुमति थी। अब केंद्र सरकार ने मूल आदेश में संशोधन किया है। संशोधित प्रावधान 15 सितंबर से प्रभावी होंगे।

कोटा के चीनी बाजार पर भी पड़ेगा असर
कोटा में चीनी की थोक और खुदरा बिक्री से जुड़े कारोबारियों के लिए नई व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खासकर ऐसे डीलर जिनके पास बड़ी मात्रा में चीनी का भंडारण रहता है, उन्हें 15 सितंबर से पहले अपने स्टॉक की स्थिति की समीक्षा करनी होगी। नई सीमा लागू होने के बाद निर्धारित मात्रा से अधिक चीनी का स्टॉक रखना मुश्किल होगा। व्यापारियों को अपने स्टॉक का हिसाब-किताब व्यवस्थित रखने के साथ ही सरकार के फूड स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर नियमित जानकारी अपडेट करनी होगी। इससे सरकार को बाजार में चीनी के उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

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नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला
चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में अलग-अलग समाचार प्रकाशित किए थे। इनमें बताया था कि त्योहरी सीजन से पहले चीनी की कीमत 65 से 70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। इससे आमजन को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा बड़े कारोबारियों द्वारा चीनी की जमाखोरी भी की जा रही है। इससे चीनी की कीमतों में उछाल बना हुआ है। आगामी दिनों में त्योहारी सीजन में लोगों को चीनी के लिए अधिक खर्चा करना पड़ेगा।

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चीनी की जमाखोरी और अनावश्यक भंडारण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सरकार ने डीलरों के लिए निर्धारित स्टॉक सीमा में बड़ा बदलाव किया है। 15 सितंबर 2026 से चीनी डीलर अधिकतम 2,000 क्विंटल तक ही चीनी का स्टॉक रख सकेंगे। पहले यह सीमा 4,000 क्विंटल थी।
- विकास यादव, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग

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