रोडवेज में बिना टिकट यात्री मिला तो सिविल डिफेंस परिचालक पर FIR, नौकरी भी जाएगी
कोटा में चेकिंग के दौरान दो यात्री बिना टिकट मिले, 2000 रुपए जुर्माना वसूला
कोटा ।राजस्थान रोडवेज ने अब बसों में टिकट की गड़बड़ी करने वाले सिविल डिफेंस परिचालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। रोडवेज बस में अगर बिना टिकट यात्री मिला, तो मामला सिर्फ विभागीय कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संबंधित सिविल डिफेंस परिचालक के खिलाफ नजदीकी पुलिस थाने में एफआईआर तक दर्ज कराई जा सकती है।यानी टिकट में गड़बड़ी अब परिचालक की नौकरी के साथ-साथ उसे कानूनी कार्रवाई तक पहुंचा सकती है। निगम की ओर से ऐसे मामलों में परिचालक की धरोहर राशि जब्त करने, सेवाएं समाप्त करने और ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
राज्य पथ परिवहन निगम मुख्यालय की सांख्यिकी शाखा ने 7 सितंबर को प्रदेश के सभी आगारों के मुख्य प्रबंधकों को निर्देश जारी किए हैं। मुख्यालय ने माना है कि कुछ आगारों में सिविल डिफेंस परिचालकों की आय की नियमित निगरानी नहीं हो रही थी। कई मामलों में सिर्फ एक रोटेशन की आय के आधार पर परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी।अब बिना टिकट यात्री मिलने पर कार्रवाई और सख्त होगी।
कोटा में चेकिंग के दौरान 2 यात्री मिले बिना टिकट
कोटा में भी रोडवेज अधिकारियों ने चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। रोडवेज के मुख्य प्रबंधक अजय कुमार मीणा ने मंगलवार दोपहर को कोटा से जयपुर जा रही एक बस को रुकवाकर जांच की। जांच के दौरान दो यात्री बिना टिकट यात्रा करते मिले। दोनों से कुल 2000 रुपये जुर्माना वसूला गया।
दो चेकिंग पोस्ट से बसों पर नजर
रोडवेज की आय बढ़ाने और टिकट व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दो चेकिंग पोस्ट भी बनाए गए हैं। इन पोस्टों पर लगातार बसों की जांच की जा रही है।कोटा डिपो में परिचालकों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें स्थायी कर्मचारियों के साथ सिविल डिफेंस के परिचालक भी लगाए गए हैं।
रोडवेज कर्मचारियों पर अलग कार्रवाई
हालांकि महत्वपूर्ण बात यह है कि एफआईआर की कार्रवाई केवल सिविल डिफेंस परिचालकों पर लागू होगी। यदि रोडवेज का नियमित परिचालक बस में दो से ज्यादा यात्रियों को बिना टिकट यात्रा कराता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है।
बस में दो से ज्यादा सवारी बिना टिकट यात्रा करते मिलीं तो सिविल डिफेंस परिचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है।
- अजय कुमार मीणा, मुख्य प्रबंधक, राजस्थान रोडवेज

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