विकास के दावों के बीच बदहाल वार्ड, समस्याओं से जूझ रहे क्षेत्रवासी
केशवपुरा में बदहाल सड़कें और नाले की समस्या
कोटा। शहर के छह वार्डों में विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं को लेकर की गई जमीनी पड़ताल में लोगों की नाराजगी सामने आई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे अपने पार्षद और जनप्रतिनिधियों से सबसे अधिक उम्मीद मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की रखते हैं। यदि पानी, सड़क, सफाई, बिजली और सुरक्षा जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान ही नहीं हो सकता तो फिर चुनाव लड़ने और जनता से वोट मांगने का क्या औचित्य है। वार्ड क्षेत्र में आने वाले केशवपुरा में नाले की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है तथा गंदा पानी क्षेत्र में फैलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं श्रीनाथपुरम में सामुदायिक भवन की समस्या बनी हुई है। लोगों ने बताया कि इन समस्याओं से कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
अपने खर्चे से भरवा रहे सड़क के गड्ढे
केशवपुरा क्षेत्र की मुख्य सड़कों की हालत भी बदहाल बनी हुई है। जगह-जगह गड्ढे और सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार सड़क मरम्मत की मांग करने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। हालात यह हैं कि कुछ स्थानों पर क्षेत्रवासियों ने स्वयं अपने पैसे खर्च कर सड़कों के गड्ढे भरवाए हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी होने के बावजूद आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए खुद आगे आना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने क्षतिग्रस्त सड़कों की जल्द मरम्मत करवाने की मांग की है।
पार्क में टूटे झूले, सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
वार्ड क्षेत्र के केशवपुरा सेक्टर-6 में स्थित पार्क भी उपेक्षा का शिकार है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्क तो बना हुआ है, लेकिन बच्चों के मनोरंजन के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। पार्क में नए झूले नहीं लगाए गए हैं, जबकि पहले से लगे कई झूले टूटे और क्षतिग्रस्त हालत में पड़े हैं। इससे बच्चों को खेलने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उचित रखरखाव और निगरानी के अभाव में पार्क धीरे-धीरे असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। शाम के समय यहां संदिग्ध गतिविधियां होने से आसपास रहने वाले परिवारों में भी चिंता बनी रहती है। लोगों ने पार्क में टूटे झूलों को हटाकर नए झूले लगाने, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने और नियमित निगरानी के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार विभाग समय रहते इन समस्याओं का समाधान करें तो आम लोगों को राहत मिल सकती है।
पूर्व पार्षद अनुराग गौतम
कार्यकाल के दौरान वार्ड में कराए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि पहले जहां अधिकांश सड़कें डामर की थीं, वहां सीसी रोड का निर्माण कराया गया। पार्कों में ओपन जिम स्थापित करवाए गए और आमजन की सुविधा के लिए जनता क्लिनिक खुलवाया गया। सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की गई तथा सुलभ कॉम्प्लेक्स का जीर्णोद्धार भी कराया गया। हालांकि वार्ड में आज भी नगर निगम की ओर से सामुदायिक भवन का अभाव बना हुआ है।
पूर्व पार्षद बालचंद शर्मा
कार्यकाल के दौरान वार्ड में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी गई। क्षेत्र में कई सीसी रोड का निर्माण करवाया गया और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई पानी की पाइपलाइन डलवाई गई। धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए मंदिरों का जीर्णोद्धार भी कराया गया। उन्होंने कहा कि वार्ड में समस्याएं जरूर थीं, लेकिन जनप्रतिनिधि के रूप में हमेशा वार्डवासियों की शिकायतों का समाधान कराने का पूरा प्रयास किया गया।
पूर्व पार्षद कुलदीप गौतम
कार्यकाल से पहले करीब 20 वर्षों तक व्यायामशाला के बाहर बना कचरा पॉइंट क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ था, जिसका समाधान कराया गया। संतोषी नगर सब्जी मंडी में व्यवस्थाओं को सुधारते हुए सीसी रोड का निर्माण करवाया गया तथा वार्ड में पेयजल आपूर्ति बेहतर करने के लिए पानी की पाइपलाइन भी डलवाई गई। हालांकि उन्होंने माना कि वार्ड क्षेत्र में नालों और जल निकासी की समस्या आज भी बनी हुई है।
वार्डवासी राजेंद्र शर्मा
क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए बताया कि वार्ड क्षेत्र में पार्क तो बना हुआ है, लेकिन वहां लगे झूले टूट चुके हैं और पार्क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। देखरेख के अभाव में यह पार्क असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि वार्ड में सामुदायिक भवन का भी अभाव है। साथ ही क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वार्डवासी ओम बंजारा
क्षेत्र की मुख्य सड़क लगातार क्षतिग्रस्त होती जा रही है और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। सड़क पर बने कई स्पीड ब्रेकर भी टूट चुके हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी के साथ दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर समस्या से कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं होने से क्षेत्रवासियों में नाराजगी बनी हुई है।
वार्ड नंबर 90 से 95 का क्षेत्रवार विवरण
-वार्ड नंबर 90: इस वार्ड में श्रीनाथपुरम सेक्टर-बी का अधिकांश भाग, अग्निशमन केंद्र, श्रीनाथपुरम, श्रीनाथपुरम सेक्टर-ए, बालाजी मार्केट, एलआईसी भवन सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
-वार्ड नंबर 91: वार्ड क्षेत्र में टीचर कॉलोनी सेक्टर-1 व सेक्टर-2, रंगविहार, कंपीटीशन कॉलोनी तथा अंबेडकर बस्ती सहित आसपास के इलाके शामिल हैं।
-वार्ड नंबर 92: इस वार्ड में केशवपुरा सेक्टर-6 और केशवपुरा सेक्टर-7 का क्षेत्र शामिल है।
-वार्ड नंबर 93: वार्ड क्षेत्र में रामजानकी मंदिर, तेजाजी पार्क, राजपूत सेक्टर, आशिक केशवपुरा, केशवपुरा सेक्टर-4 तथा कुम्हारों का मोहल्ला शामिल है।
-वार्ड नंबर 94: इस वार्ड में इंदिरा विहार का आधा क्षेत्र जवाहर नगर थाने के पीछे का इलाका तथा तलवंडी सेक्टर-2 और सेक्टर-3 सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
-वार्ड नंबर 95: वार्ड क्षेत्र में आशिक केशवपुरा सेक्टर-4 व सेक्टर-6, गुजराती बस्ती, हरिजन बस्ती, भील बस्ती तथा सुनारों का मोहल्ला शामिल हैं।

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