गजानन की विदाई और महापौर का चुनाव एक ही दिन, दोनों हैं संवेदनशील मामले
लोगों ने व्यवस्था बाधित होने की जताई आशंका
कोटा। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर निगम कोटा और नगर पालिका सुकेत में 25 सितम्बर को महापौर व चैयरमेन और अगले दिन उप महापौर व उपाध्यक्ष का चुनाव करवाने की घोषणा की है। जबकि 25 सितम्बर को कोटा में हिन्दुओं का सबसे बड़ा पर्व अनंत चतुर्दशी भी है। ये दोनों ही मामले संवेदनशील हैं।
अनंत चतुर्दशी पर पूरे शहर वासियों की सक्रिय भूमिका रहती है। पुलिस व प्रशासन के भी सभी अधिकारी व जाब्ता ही नहीं बाहर से भी अधिकारी व जाब्ता मंगवाया जाता है। ऐसा इसलिए होता है कि पूर्व में इस पर्व पर बड़ा दंगा हो चुका है। उसे देखते हुए इस दिन जिला कलक्टर की ओर से अवकाश घोषित किया जाता है।
वहीं महापौर का चुनाव भी काफी संवेदनशील है। इसका कारण है कि पिछली बार हुए महापौर के चुनाव के दिन भाजपा व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया था। बाड़ाबंदी से निर्वाचित पार्षदों को मतदान के लिए लाने के दौरान विवाद इतना बढ़ गया था कि पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा था। जिसमें कई लोग चोटिल हुए थे। वहीं इस मामले में पुलिस के एक अधिकारी का ट्रांसफर तक हो गया था। हालत यह है कि इस बार 14 सितम्बर को गणेश चतुर्थी के दिन ही निगम चुनाव की मतगणना करवाई गई थी। लेकिन अनंत चतुर्दशी तो उससे भी बड़ा पर्व है।
अनंत चतुर्दशी महोत्सव आयोजन समिति की अध्यक्ष महामंडलेश्वर हेमा सरस्वती ने कहा कि अनंत चतुर्दशी से हिन्दुओं की भावना जुड़ी हुई है। कोटा में यह बड़ा त्योहार है। इस आयोजन को देखते हुए कोटा संभाग ही नहीं पूरे राजस्थान से पुलिस जाब्ता आता है। ऐसे में उसी दिन महापौर का चुनाव करवाने से पुलिस व प्रशासन का ध्यान चुनाव की व्यवस्थाओं में भी रहेगा।इस स्थिति में अनंत चतुर्दशी की व्यवस्थाएं प्रभावित होने की आशँका है।हालांकि उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला कलक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी पीयूष समारिया से बात की गई। इस पर उन्होंने चुनाव व शोभा यात्रा दोनों को सही ढंग से मैनेज करने का आश्वासन दिया है।
शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी ने कहा कि कोटा में 25 सितम्बर को अनंत चतुर्दशी की शोभा यात्रा निकलेगी। यह हिन्दुओं का सबसे बड़ा त्योहार है। इसमें हर शहरवासी की सक्रिय भूमिका रहती है। ऐसे में इस दिन निगम में चुनाव करवाना गलत है। इससे पुलिस व प्रशासन की व्यवस्था में व्यवधान हो सकता है। लोग शोभा यात्रा में शामिल होने के साथ ही महापौर के बारे में जानने के लिए भी उत्सुक रहते हैं। प्रशासन को महापौर चुनाव की तारीख के बारे में फिर से विचार करना चाहिए।एडवोकेट राकेश गुप्ता ने कहा कि अनंत चतुर्दशी के दिन जिला कलक्टर ने कोटा में अवकाश घोषित किया है। उस दिन कई जगह के रास्ते बंद रहते हैं। ट्रैफिक डायवर्ट होता है। उसी दिन महापौर का चुनाव होने से निर्वाचित 100 पार्षदों और उनके परिजनों व समर्थकों के चुनाव में व्यस्त होने के साथ ही शोभा यत्रा में भागीदारी को लेकर व्यवधान होने की संभावना है। अनंत चतुदज़्शी के दिन महापौर का चुनाव करवाना गलत है। प्रशासन व सरकार दोनों को इस बारे में विचार करना चाहिए। पहले इन दोनों अवसरों पर विवाद की स्थिति बन चुकी है।
नव निर्वाचित भाजपा पार्षद व मेला समिति के पूर्व अध्यक्ष विवेक राजवंशी ने कहा कि दोनों आयोजन एक दिन होने से कोई समस्या नहीं होगी।एडीएम प्रशासन व उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश जोशी ने कहा कि महापौर का चुनाव तो दोपहर 2 बजे तक है। यह केवल नगर निगम में होगा। साथ ही कुल 100 पाषज़्द ही मतदान करेंगे। जबकि शोभा यात्रा दोपहर बाद शुरू होगी। ऐसे में चुनाव व अनत चतुर्दशी एक दिन होने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। आराम से सभी व्यवस्थाएं सुचारू कर ली जाएंगी।

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