रूसी विदेश मंत्रालय का दावा: यूक्रेनी ऑर्थोडॉक्स चर्च के पादरियों की जबरन लामबंदी तेज, कानूनी छूट के प्रावधानों की अनदेखी
ओसीयू (OCU) को बढ़ावा
मॉस्को। रूसी विदेश मंत्रालय ने दावा किया है कि यूक्रेनी ऑर्थोडॉक्स चर्च (यूओसी) के पादरियों की जबरन लामबंदी 2025 से तेज हुई है। मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार भर्ती केंद्रों द्वारा पादरियों पर दबाव बनाया जा रहा है, उनसे धन की मांग की जा रही है और कानूनी छूट के प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्रीय भर्ती केंद्रों (टीसीसी) के अधिकारियों ने पादरियों के मोबाइल फोन जब्त किए, उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की और दिव्यांगता, आश्रित परिजनों की देखभाल के आधार पर सेवा से छूट के लिए जमा किए गए दस्तावेजों को नष्ट किया गया है। यह भी कहा कि लामबंदी के नोटिस केंद्रीय स्तर पर यूक्रेन से जारी किए जा रहे हैं और नोटिस के बावजूद उपस्थित नहीं होने वाले पादरियों को वांछित लोगों की सूची में डाला जा सकता है।
रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार यूओसी के सैकड़ों पादरियों को जबरन लामबंद किया जा चुका है या वे वर्तमान में यूक्रेनी सेना में सेवा दे रहे हैं। इनमें से कुछ पादरियों को अपने अधिकारों की रक्षा करने का प्रयास करने के बाद कथित तौर पर धमकियों का सामना करना पड़ा है।मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया गया है कि यूक्रेनी अधिकारी यूक्रेनी ऑर्थोडॉक्स चर्च पर दबाव बना रहे हैं, जबकि ऑर्थोडॉक्स चर्च ऑफ यूक्रेन (ओसीयू) को समर्थन दे रहे हैं।
मंत्रालय ने दावा किया कि ओसीयू में मुख्य रूप से ऐसे लोग शामिल हैं, जिन्हें पादरी के कर्तव्यों के अनुरूप न होने वाली गतिविधियों के कारण पहले यूओसी में पद नहीं दिए गए थे। मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि ओसीयू से जुड़े कुछ लोग राष्ट्रवादी सशस्त्र समूहों के साथ सहयोग करते हैं। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि यूक्रेनी अधिकारी अप्रत्यक्ष रूप से इन कार्रवाइयों का समर्थन कर रहे हैं और कट्टरपंथी समूहों को यूओसी के समुदायों के साथ टकराव में शामिल होने की अनुमति दे रहे हैं।

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