हाईवे पर तेज रफ्तार और नशे में ड्राइविंग पर वार, ट्रैफिक पुलिस को मिलेंगे हाईटेक हथियार

सड़क सुरक्षा फंड से ट्रैफिक पुलिस को मिलेंगे अत्याधुनिक उपकरण

हाईवे पर तेज रफ्तार और नशे में ड्राइविंग पर वार, ट्रैफिक पुलिस को मिलेंगे हाईटेक हथियार
राजस्थान में सड़क हादसे रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस को अत्याधुनिक उपकरण मिलेंगे। सड़क सुरक्षा कोष से करीब 25 करोड़ रुपए के प्रस्ताव मंजूर। 500 ब्रेथ एनालाइजर, 25 नाइट विजन स्पीड रडार गन और 25 इंटरसेप्टर खरीदे जाएंगे। जयपुर ट्रैफिक जाम का वैज्ञानिक अध्ययन होगा।

जयपुर। राज्य के हाईवेज पर सड़क हादसों को कम करने और यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस की निगरानी व्यवस्था को हाईटेक किया जाएगा। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के समर्पित रोड सेफ्टी फंड से पुलिस को अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। सड़क सुरक्षा कोष की संचालन समिति की गत दिनों हुई बैठक में करीब 25 करोड़ रुपए के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सड़क सुरक्षा फंड से 500 ब्रैथ एनालाइजर खरीदे जाएंगे। इससे शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच तेज होगी। इसके अलावा 25 हैंड हेल्ड नाइट विजन स्पीड राडार गन खरीदी जाएंगी। मोटरसाइकिल पर इस्तेमाल होने वाली इन स्पीड गनों के लिए 2.50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। हाईवे पर ओवरस्पीड वाहनों की निगरानी के लिए रेस्क्यू व्हीकल युक्त 25 इंटरसेप्टर भी खरीदे जाएंगे। इनके लिए 9.50 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।

जयपुर में ट्रैफिक जाम का होगा वैज्ञानिक अध्ययन : राजधानी जयपुर में बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए वैज्ञानिक अध्ययन करवाया जाएगा। इसके लिए 50 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। अध्ययन के आधार पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) और एरिया ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम तैयार करने की दिशा में काम होगा। पुलिस विभाग यातायात का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करेगा और उसके बाद उसे लागू किया जाएगा।

नेक्स्ट जेन ई-चालान सिस्टम होगा लागू : आईटीएमएस के तहत नेक्स्ट जेन ई-चालान सिस्टम को प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश के सभी 41 पुलिस जिलों को संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। प्रत्येक जिले के लिए 10 लाख रुपए, कुल 4.10 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। इससे लैपटॉप, ई-चालान डिवाइस, मशीन और प्रोजेक्टर स्क्रीन सहित आवश्यक संसाधन खरीदे जाएंगे।

इन प्रस्तावों को नही मिली मंजूरी : फिलहाल 100 इंटरसेप्टर और 100 हाईवे पेट्रोलिंग वाहन के प्रस्तावों को मंजूरी नहीं मिली है। वित्त विभाग की स्वीकृति के बाद इन प्रस्तावों को नए सिरे से तैयार किया जाएगा। इंटरसेप्टर और रेस्क्यू वाहनों की खरीद से हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी के साथ हादसों में घायलों तक तत्काल मदद पहुंचाने में भी आसानी होगी।

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ट्रैफिक पुलिस को यह उपकरण मिलेंगे :

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500 ब्रैथ एनालाइजर के लिए 2.25 करोड़ रुपए।

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15 हजार मीटर रिफ्लेक्टिव टेप के लिए 1.50 करोड़।

रिफ्लेक्टिव क्रॉस बेल्ट के लिए 50 लाख।

500 ब्लिंकरयुक्त लोहे के बैरिकेड्स के लिए 2 करोड़।

500 रिफ्लेक्टरयुक्त ट्रैफिक कोन के लिए 10 लाख।

500 एलईडी बैटन के लिए 10 लाख।

क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण के लिए 1 करोड़।

ग्राम पालू जयपुर में ट्रैफिक एड पोस्ट के लिए 19 लाख।

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