तेज रफ्तार, नशा और खड़ी गाड़ियां बनीं मौत की वजह, सड़क सुरक्षा पर सवाल
राजस्थान में सड़क हादसों की तीन बड़ी घटनाओं में 88 लोगों की मौत
जयपुर। राजस्थान में वर्ष 2025 के दौरान हुई कुछ बड़ी सड़क दुर्घटनाओं ने वाहन सुरक्षा, सड़क इंजीनियरिंग, प्रवर्तन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमियों को उजागर किया। सड़क सुरक्षा संबंधी निष्पादन लेखापरीक्षा में दुर्घटनाओं के कई मामलों का अध्ययन किया गया। इनमें जैसलमेर, फलोदी और जयपुर में हुई तीन गंभीर दुर्घटनाएं शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन घटनाओं में मानवीय लापरवाही के साथ सड़क और वाहन सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थागत कमियां भी सामने आईं।
जैसलमेर में चलती बस में लगी आग, 28 की मौत :
4 अक्टूबर 2025 को जैसलमेर में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर एक नव-पंजीकृत यात्री बस में चलते समय अचानक आग लग गई। हादसे में 28 लोगों की मौत हुई और सात यात्री गंभीर रूप से घायल हुए। जांच में आग लगने का कारण एसी गैस का रिसाव और शॉर्ट सर्किट बताया गया। रिपोर्ट में बस में गंभीर विद्युत दोष, निम्न गुणवत्ता के बॉडी फैब्रिकेशन और अनिवार्य अग्नि पहचान एवं अग्निशमन प्रणाली की कमी का उल्लेख किया गया।
इसके अलावा सीटों की गलत स्थिति के कारण आपातकालीन निकास बाधित था। बस में अग्निशामक और सुरक्षा हथौड़े भी उपलब्ध नहीं थे। रिपोर्ट ने इसे वाहन सुरक्षा मानकों के अनुपालन और पंजीकरण के बाद निरीक्षण व्यवस्था से जुड़ी गंभीर कमी के रूप में रेखांकित किया।
फलोदी में खड़े ट्रेलर से टकराया टेम्पो ट्रैवलर :
2 नवंबर 2025 को फलोदी के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग-754-के पर टेम्पो ट्रैवलर और ट्रेलर के बीच भीषण दुर्घटना हुई। ट्रेलर को सड़क के कैरिजवे की लेन में अवैध रूप से खड़ा किया गया था। इसी क्षेत्र में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मार्गाधिकार क्षेत्र के भीतर एक अनधिकृत ढाबा भी स्थित था। ओवरटेक करते समय ट्रैवलर चालक खड़े ट्रेलर को नहीं देख पाया और पीछे से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में 45 लोगों की मौत हुई, जिनमें 40 महिलाएं और चार बच्चे शामिल थे। दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
जयपुर में भारी वाहन, तेज गति और नशे ने बढ़ाई गंभीरता :
3 नवंबर 2025 को जयपुर में भारी मालवाहक वाहन समेत तीन वाहनों की दुर्घटना में 15 लोगों की मौत हुई। पांच लोग गंभीर और दो मामूली रूप से घायल हुए। जांच में तेज गति और नशे में वाहन चलाना प्रमुख कारण सामने आए। भीड़भाड़ वाले बाजार और आवासीय क्षेत्रों में भारी वाहनों के यातायात नियंत्रण की कमी भी दुर्घटना की गंभीरता बढ़ाने वाली वजह बनी।
सड़क सुरक्षा ऑडिट और समन्वित कार्रवाई की जरूरत :
रिपोर्ट में इन घटनाओं से परिवहन, पुलिस और राजमार्ग प्राधिकरणों के बीच बेहतर समन्वय, मजबूत अनुपालन व्यवस्था, सड़क सुरक्षा ऑडिट और प्रभावी प्रवर्तन की जरूरत रेखांकित की गई है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर समय पर सुधारात्मक कदम उठाने और वाहन सुरक्षा मानकों की नियमित जांच को भी महत्वपूर्ण माना गया है। साथ ही दुर्घटना के बाद त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया और ट्रॉमा सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

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