जयपुर रेंज की अभिनव सड़क सुरक्षा पहल ‘Operation Safer Roads’, डेटा आधारित वैज्ञानिक विश्लेषण से चिन्हित 93 दुर्घटना संभावित स्थल Google Maps से एकीकृत

वाहन चालकों को मिलेगा पूर्व चेतावनी अलर्ट

जयपुर रेंज की अभिनव सड़क सुरक्षा पहल ‘Operation Safer Roads’, डेटा आधारित वैज्ञानिक विश्लेषण से चिन्हित 93 दुर्घटना संभावित स्थल Google Maps से एकीकृत
जयपुर रेंज पुलिस ने ‘ऑपरेशन सेफर रोड्स’ के तहत 2023-25 के दुर्घटना आंकड़ों का विश्लेषण कर 93 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए। छह हाई, 30 मध्यम और 57 कम जोखिम वाले स्थल। स्थानों को Google Maps से जोड़ा गया, वाहन चालकों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में पहुंचने से पहले सड़क सुरक्षा चेतावनी मिलेगी।

जयपुर। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करना राजस्थान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से  राहुल प्रकाश, महानिरीक्षक पुलिस, जयपुर रेंज के निर्देशन में जयपुर रेंज के अंतर्गत आने वाले प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर स्थित दुर्घटना संभावित स्थलों का विगत तीन वर्षों के दुर्घटना एवं जनहानि संबंधी आंकड़ों के आधार पर वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया है। इस विश्लेषण के आधार पर 93 दुर्घटना संभावित स्थलों को जोखिम की गंभीरता के अनुसार तीन श्रेणियों—A, B एवं C—में वर्गीकृत किया गया है।

इस अभिनव पहल को ‘Operation Safer Roads’ नाम दिया गया है। पहल के तहत चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों के सत्यापित भौगोलिक डेटा को आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से Google Maps प्लेटफॉर्म से एकीकृत किया गया है। अब Google Maps पर संबंधित राजमार्गों से यात्रा करने वाले वाहन चालकों को दुर्घटना संभावित क्षेत्र के निकट पहुंचने पर सड़क सुरक्षा संबंधी पूर्व चेतावनी प्राप्त हो सकेगी। इसका उद्देश्य वाहन चालकों को समय रहते सतर्क करना, गति नियंत्रित करने के लिए प्रेरित करना तथा संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम में तकनीक का उपयोग करना है।

तीन वर्षों के दुर्घटना आंकड़ों का किया गया वैज्ञानिक विश्लेषण :

प्रथम चरण में जयपुर रेंज द्वारा पुलिस रिकॉर्ड, यातायात संबंधी सूचनाओं तथा संबंधित राजमार्गों के वर्ष 2023 से 2025 तक के दुर्घटना आंकड़ों का विस्तृत अध्ययन किया गया। विश्लेषण का उद्देश्य ऐसे स्थानों की पहचान करना था, जहां लगातार दुर्घटनाएं हुईं और जहां दुर्घटनाओं के कारण जनहानि की गंभीरता अधिक रही।

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इस प्रक्रिया में केवल दुर्घटनाओं की संख्या को आधार नहीं बनाया गया, बल्कि विगत तीन वर्षों में हुई मानव क्षति (Fatality) को प्रमुख आधार मानते हुए दुर्घटना संभावित स्थलों का जोखिम मूल्यांकन किया गया। इससे सड़क सुरक्षा संसाधनों और चेतावनी प्रणाली को उन स्थानों पर प्राथमिकता देने में सहायता मिलेगी, जहां जनहानि का जोखिम अधिक है।

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जयपुर रेंज के जिलों में चिन्हित ब्लैक स्पॉट :

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वर्ष 2023 से 2025 के दुर्घटना आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर जयपुर रेंज के विभिन्न जिलों में निम्न संख्या में ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए-

- जयपुर ग्रामीण — 28

- दौसा — 24

- कोटपूतली-बहरोड़ — 17

- अलवर — 11

- भिवाड़ी — 5

- सीकर — 4

- खैरथल-तिजारा — 3

- झुंझुनू — 1

इस प्रकार जयपुर रेंज के विभिन्न राजमार्गों पर कुल 93 दुर्घटना संभावित स्थल चिन्हित किए गए हैं।

जोखिम के आधार पर तीन श्रेणियों में वर्गीकरण :

दुर्घटना संभावित स्थलों को जोखिम की गंभीरता के अनुसार तीन श्रेणियों में बांटा गया है। Google Maps पर इन स्थानों को अलग-अलग रंगों के संकेतकों से दर्शाया गया है, ताकि वाहन चालक बिना किसी तकनीकी जानकारी के भी जोखिम की गंभीरता को आसानी से समझ सकें।

Red - High Risk Zone / A Type:

06 Spot — ऐसे उच्च जोखिम वाले स्थान, जहां विगत तीन वर्षों में 20 से अधिक जनहानि दर्ज हुई।

Orange — Medium Risk Zone / B Type:

30 Spot — ऐसे मध्यम जोखिम वाले स्थान, जहां विगत तीन वर्षों में 10 से 20 तक जनहानि दर्ज हुई।

Yellow — Low Risk Zone / C Type:

57 Spot — ऐसे अपेक्षाकृत कम जोखिम वाले स्थान, जहां विगत तीन वर्षों में 5 से 10 से कम जनहानि दर्ज हुई।

इस रंग आधारित प्रणाली से दुर्घटना संभावित क्षेत्र की गंभीरता को एक नजर में समझना आसान होगा।

QR Code से भी मिलेगी दुर्घटना संभावित स्थलों की जानकारी :

जयपुर रेंज द्वारा तैयार किए गए डिजिटल डेटा को आमजन तक पहुंचाने के लिए QR Code आधारित एक्सेस व्यवस्था भी विकसित की गई है। कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल फोन से QR Code स्कैन कर जयपुर रेंज के चिन्हित राजमार्गों पर स्थित दुर्घटना संभावित स्थलों की जानकारी प्राप्त कर सकेगा।

डिजिटल सुविधा के माध्यम से संबंधित स्थल की जोखिम श्रेणी, स्थान तथा सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकेगी। यह सुविधा आम नागरिकों, वाहन चालकों, परिवहन व्यवसायियों तथा राजमार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए उपयोगी होगी।

Google टीम के साथ तकनीकी एकीकरण :

QR Code व्यवस्था के बाद परियोजना के दूसरे चरण में जयपुर रेंज द्वारा वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर तैयार किए गए तथा भौगोलिक रूप से सत्यापित डेटा को Google टीम के साथ साझा किया गया। आवश्यक तकनीकी परीक्षण और समन्वय के बाद चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों को Google Maps प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया गया।

अब Google Maps नेविगेशन का उपयोग करते हुए संबंधित राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को चिन्हित दुर्घटना संभावित क्षेत्र के निकट पहुंचने पर सड़क सुरक्षा चेतावनी प्राप्त हो सकेगी। इससे चालक समय रहते अपनी गति नियंत्रित कर आवश्यक सावधानी बरत सकेंगे।

डेटा, तकनीक और पुलिसिंग का अभिनव समन्वय :

‘Operation Safer Roads’ पारंपरिक रूप से दुर्घटना संभावित स्थलों की सूची तैयार करने से आगे बढ़कर Evidence Based Road Safety Management का उदाहरण प्रस्तुत करता है। इसमें पुलिस अभिलेखों से प्राप्त दुर्घटना एवं जनहानि के आंकड़ों को आधुनिक Geospatial Mapping तकनीक के साथ जोड़ा गया है।

यह पहल सड़क सुरक्षा को केवल Enforcement तक सीमित रखने के बजाय Prevention through Technology की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डेटा एनालिटिक्स, तकनीकी नवाचार और जनहित को एक साथ जोड़कर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए व्यवहारिक समाधान विकसित करने का प्रयास किया गया है।

इस परियोजना का उद्देश्य किसी स्थान को केवल दुर्घटना स्थल के रूप में चिन्हित करना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को उस क्षेत्र के संबंध में समय रहते चेतावनी उपलब्ध कराना, उन्हें सतर्क करना और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में सहायता करना है।

प्रत्येक तीन माह में होगा ब्लैक स्पॉट का रिव्यू :

जयपुर रेंज द्वारा भविष्य में भी सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों का प्रत्येक तीन माह में ब्लैक स्पॉट के स्तर पर समीक्षा की जाएगी। निरंतर डेटा विश्लेषण के आधार पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का अद्यतन एवं पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा तथा आवश्यकता के अनुसार नए स्थलों को चिन्हित कर तकनीकी माध्यमों से सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा।

इस प्रकार ‘Operation Safer Roads’ डेटा आधारित पुलिसिंग, जनहितकारी तकनीकी नवाचार और सुरक्षित राजस्थान की संकल्पना को साकार करने की दिशा में जयपुर रेंज का महत्वपूर्ण प्रयास है।

वाहन चालकों से जयपुर रेंज पुलिस की अपील :

जयपुर रेंज पुलिस ने सभी वाहन चालकों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि यात्रा के दौरान Google Maps नेविगेशन से प्राप्त सड़क सुरक्षा चेतावनियों को गंभीरता से लें और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।

- निर्धारित गति सीमा का पालन करें।

- कार में सीट बेल्ट और दोपहिया वाहन पर हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।

- वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें।

- थकान की स्थिति में वाहन चलाने से बचें।

- ओवरस्पीड और लापरवाह ड्राइविंग से पूरी तरह बचें।

- सड़क संकेतकों और यातायात नियमों का पालन करें।

- दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में वाहन की गति नियंत्रित रखें और अतिरिक्त सतर्कता बरतें।

 

जयपुर रेंज पुलिस का संदेश है कि एक छोटी-सी सावधानी न केवल स्वयं का जीवन सुरक्षित कर सकती है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के जीवन की भी रक्षा कर सकती है।

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