व्हाट्सऐप पर बरते सावधानी! लापरवाही पड़ सकती है भारी, राजस्थान पुलिस ने बताए सुरक्षा के सात उपाय
निजी तस्वीरों, दस्तावेजों, ओटीपी और महत्वपूर्ण चैट का डिजिटल रिकॉर्ड
जयपुर। व्हाट्सऐप अब सिर्फ बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों की निजी तस्वीरों, दस्तावेजों, ओटीपी और महत्वपूर्ण चैट का डिजिटल रिकॉर्ड भी है। साइबर अपराधी अकाउंट पर कब्जा कर ठगी, फर्जी पहचान और ब्लैकमेलिंग कर सकते हैं। इसे देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा आर4सी ने आमजन के लिए सात सुरक्षा उपाय बताए हैं।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि व्हाट्सऐप के मैसेज और कॉल एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होते हैं, लेकिन गलत सेटिंग या अनधिकृत पहुंच से निजी डेटा खतरे में पड़ सकता है।
टू-स्टेप वेरिफिकेशन जरूरी : सेटिंग्स में जाकर छह अंकों का पिन और रिकवरी ईमेल जोड़ें। रजिस्ट्रेशन कोड किसी से साझा नहीं करें। सुविधा उपलब्ध हो तो पासकी का इस्तेमाल करें।
लिंक्ड डिवाइस जांचें : समय-समय पर देखें कि अकाउंट किन कंप्यूटर या अन्य उपकरणों से जुड़ा है। अनजान या पुराने डिवाइस को तुरंत लॉग आउट करें।
चैट और ऐप लॉक रखें : संवेदनशील चैट को चैट लॉक और ऐप को फिंगरप्रिंट या फेस आईडी से सुरक्षित करें।
प्राइवेसी नियंत्रित करें : प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन, ऑनलाइन और स्टेटस जैसी जानकारी को माय कॉन्टैक्ट्स तक सीमित रखें।
बैकअप भी सुरक्षित करें : चैट बैकअप में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सक्रिय कर पासवर्ड या 64 अंकों की कुंजी लगाएं।
एडवांस्ड चैट प्राइवेसी ऑन करें : संवेदनशील चैट और ग्रुप में यह सुविधा सक्रिय रखें।
अनजान कॉल और फर्जी ऐप से बचें : साइलेंट अननोन कॉलर्स और कॉल में आईपी एड्रेस छिपाने की सुविधा सक्रिय रखें। जीबी व्हाट्सऐप जैसे मॉडिफाइड ऐप से दूर रहें। साइबर ठगी पर तुरंत 1930 या साईबर क्राइम की अधिकारिक बेव साईट पर शिकायत करें।

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