कमल के गढ़ में ‘कांटा’! 17 की जमानत जब्त, 19 वार्डों में भाजपा तीसरे पायदान पर

कहीं हजार वोट भी नहीं जुटा पाए भाजपाई, तो कई जगह कांग्रेस भी पिछड़ी; एक वार्ड में दोनों दलों को निर्दलियों ने दिखाया आईना

कमल के गढ़ में ‘कांटा’! 17 की जमानत जब्त, 19 वार्डों में भाजपा तीसरे पायदान पर
निगम चुनाव में भाजपा ने बहुमत का बोर्ड तो बना लिया, लेकिन वार्डवार नतीजों ने चिंता बढ़ाई। 146 वार्डों के परिणामों में 17 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई, इनमें भाजपा के 13 और कांग्रेस के 4 हैं। सात वार्डों में भाजपा प्रत्याशी 1,000 वोट भी नहीं जुटा सके। वार्ड-1 में दोनों दलों की जमानत जब्त हुई, जबकि निर्दलीयों ने बाजी मारी।

जयपुर। नगर निगम चुनाव में भाजपा ने बहुमत का बोर्ड भले ही बना लिया, लेकिन वार्डवार नतीजों ने पार्टी के लिए कुछ चौंकाने वाली तस्वीर भी सामने रख दी है। निगम के 150 वार्डों में से 146 के परिणाम घोषित हो चुके हैं। इनमें भाजपा ने बढ़त बनाकर सत्ता की चाबी अपने पास रखी, लेकिन 17 प्रत्याशियों की जमानत जब्त होना पार्टी और कांग्रेस दोनों के लिए बड़ा झटका है। खास बात यह है कि जमानत जब्त कराने वालों में कांग्रेस से कहीं ज्यादा भाजपा प्रत्याशी हैं। कुल 17 प्रत्याशियों में 13 भाजपा के और 4 कांग्रेस के हैं। यानी बोर्ड भले भाजपा का बना हो, लेकिन कुछ वार्डों में पार्टी प्रत्याशियों की हालत बेहद कमजोर रही।

सात वार्डों में ‘हजार’ का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई भाजपा

भाजपा के लिए सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि 7 वार्डों में उसके प्रत्याशी एक हजार वोट का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। इन सभी वार्डों में भाजपा प्रत्याशी की जमानत जब्त हुई। इसके उलट कांग्रेस का कोई भी प्रत्याशी ऐसा नहीं रहा, जिसे एक हजार से कम वोट मिले हों। यानी वोटों की लड़ाई में कांग्रेस ने भले बोर्ड नहीं बनाया, लेकिन कई वार्डों में उसने भाजपा को कड़ी टक्कर जरूर दी।

एक वार्ड में दोनों ‘बड़े दल’ धड़ाम, निर्दलियों का जलवा

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सबसे दिलचस्प नतीजा वार्ड नंबर 1 का रहा। यहां भाजपा और कांग्रेस दोनों प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। दोनों राष्ट्रीय दलों को पीछे छोड़ते हुए पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने कब्जा जमाया। यह नतीजा मानो दोनों दलों से कह रहा हो—‘पार्टी का नाम नहीं, मैदान में दम दिखाओ!’

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19 वार्डों में भाजपा का कमल तीसरे पायदान से नीचे

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भाजपा के लिए सिर्फ जमानत जब्त होना ही चिंता की बात नहीं है। 19 वार्डों में पार्टी प्रत्याशी तीसरे या उससे भी नीचे स्थान पर रहे। इनमें 15 वार्ड ऐसे हैं जहां भाजपा तीसरे स्थान पर रही। दो वार्डों में पार्टी प्रत्याशी चौथे स्थान पर रहे, जबकि एक-एक वार्ड में भाजपा को पांचवें और छठे स्थान से संतोष करना पड़ा। दूसरी ओर कांग्रेस के 16 प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे, जबकि दो प्रत्याशी पांचवें स्थान पर रहे।

कहां-कहां जब्त हुई जमानत?

भाजपा: वार्ड 1, 35, 71, 72, 109, 113, 119, 125, 128, 136, 137, 147 और 148।

कांग्रेस: वार्ड 1, 48, 73 और 140।

नतीजों ने दिया सियासी संदेश

निगम में बहुमत के साथ भाजपा का बोर्ड बनना तय हो गया है, लेकिन वार्डवार नतीजे यह भी बताते हैं कि कई इलाकों में स्थानीय समीकरण, निर्दलीय प्रत्याशियों की पकड़ और उम्मीदवारों की व्यक्तिगत छवि ने पार्टी के चुनावी गणित को बिगाड़ दिया। कुल मिलाकर निगम चुनाव का संदेश साफ है—बोर्ड की सत्ता भले भाजपा के हाथ रही, लेकिन कई वार्डों में निर्दलियों ने बड़े दलों की ‘हेकड़ी’ निकाल दी।

 

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