ईसरदा लिंक परियोजना : अधिग्रहित जमीन पर खेती की तो होगी कार्रवाई, अवाप्त भूमि पर कृषि गतिविधियों पर रोक
रामगंज और खरायता गांवों में भूमि अवाप्त
जयपुर। नवनेरा-गलवा-बीसलपुर-ईसरदा लिंक परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि पर अब खेती करना किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। राजस्थान वाटर ग्रिड कॉरपोरेशन लिमिटेड ने स्पष्ट किया है कि परियोजना के लिए अवाप्त भूमि पर किसी भी प्रकार की कृषि गतिविधि करने पर संबंधित भूमि हितधारियों के खिलाफ नियमानुसार राजकीय कार्रवाई की जाएगी। परियोजना के अंतर्गत नवनेरा बैराज के डिलीवरी सिस्टर्न से मेज एनीकट तक विभिन्न संरचनाओं सहित फीडर का निर्माण किया जाना है। इसके लिए गुहाटा, कोटाखुर्द, लबान, दहीखेड़ा, डपटा, रामगंज और खरायता गांवों में भूमि अवाप्त की गई है।
प्रभावित भूमि का मुआवजा भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत दिया जा चुका है। शेष मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया जारी है। कॉरपोरेशन के अनुसार, मुआवजा प्राप्त करने वाले और अभी तक मुआवजा नहीं लेने वाले, दोनों श्रेणियों के भूमि हितधारी अवाप्त जमीन पर खेत तैयार करने, जुताई करने, खाद-बीज डालने और फसल बोने जैसी गतिविधियां नहीं कर सकेंगे। यदि खेती करने के दौरान निर्माण कार्य के लिए भूमि को कोई नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित हितधारी की होगी। साथ ही, नियमों के अनुसार राजकीय कार्रवाई भी की जाएगी।

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