सड़क-पानी छोड़िए, पहले कुंवारों के घर बसाऊंगी! सरपंच प्रत्याशी का अनोखा वादा, बोलीं- बारात की ट्रेन तक लगवा दूंगी
विकास के वादों के बीच शादी का मुद्दा
जयपुर। चुनाव आते ही वादों की बहार आ जाती है। कहीं सड़क बनवाने का भरोसा, कहीं पानी की समस्या दूर करने का दावा, तो कहीं बिजली और रोजगार के सपने। लेकिन राजस्थान के झुंझुनूं जिले के झाझड़ गांव में सरपंच पद की एक प्रत्याशी ने ऐसा चुनावी वादा किया है, जिसने विकास के मुद्दों के बीच शादी-ब्याह को चर्चा में ला दिया है। प्रत्याशी अनीता सैनी का कहना है कि अगर वे सरपंच बनीं तो गांव के उन कुंवारे युवकों की शादी करवाने में मदद करेंगी, जिन्हें दुल्हन नहीं मिल रही है।
'कुंवारे भाइयों की शादी की जिम्मेदारी मेरी'
अनीता सैनी का यह चुनावी वादा इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रचार के दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि गांव में कोई युवक शादी के इंतजार में बैठा है और उसके लिए रिश्ता नहीं मिल रहा है, तो उसकी शादी करवाने की जिम्मेदारी वे लेंगी। उनका अंदाज भी ऐसा कि सुनने वाले मुस्कुराए बिना न रहें।
जरूरत पड़ी तो दूसरे गांवों तक पहुंचेंगी
वायरल वीडियो में अनीता सैनी को कहते हुए बताया जा रहा है कि जरूरत पड़ी तो वे दूसरे गांवों तक जाएंगी और रिश्ते तलाशने के लिए समय भी देंगी। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो झाझड़ गांव से बारात ले जाने के लिए ट्रेन तक लगवाने की व्यवस्था कर देंगी। उनके इस बयान ने चुनावी प्रचार को एक अलग ही रंग दे दिया है।
विकास के वादों के बीच शादी का मुद्दा
आमतौर पर पंचायत चुनाव में उम्मीदवार गांव की सड़कें, नालियां, पेयजल, सफाई और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में कुंवारे युवकों की शादी करवाने का वादा लोगों के लिए चर्चा और कौतूहल का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर भी इस अनोखे चुनावी वादे को लेकर खूब बातें हो रही हैं।
हालांकि, सरपंच का पद गांव के विकास और स्थानीय प्रशासन से जुड़े कामों के लिए होता है। शादी के लिए उपयुक्त रिश्ता मिलना कई व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है। ऐसे में अनीता सैनी का यह वादा कितना कारगर साबित होगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
फिलहाल झाझड़ गांव की चुनावी चर्चा में सड़क, पानी और नाली के साथ एक सवाल भी जुड़ गया है—इस बार गांव की सरकार बनेगी, तो क्या कुंवारों के घर भी बसेंगे?

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