बंगाल विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण : 142 सीटों के लिए मतदान जारी ; भवानीपुर में शुभेंदु-तृणमूल समर्थकों में झड़प, पुलिस का हल्का लाठीचार्ज, 5 बजे तक करीब 89.99 फीसदी मतदान
142 विधानसभा सीटों के लिए 1448 उम्मीदवार मैदान में
पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण के तहत 142 सीटों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान जारी है। 1,448 उम्मीदवार मैदान में हैं और 3.22 करोड़ मतदाता मतदान कर रहे हैं। कड़ी सुरक्षा में 2,407 केंद्रीय बल तैनात हैं। भवानीपुर हॉट सीट बनी हुई है। मतगणना 4 मई को होगी।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे एवं अंतिम चरण में 142 सीटों के लिए बुधवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया और शाम छह बजे तक वोट डाले जाएंगे जाएंगे। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हुआ था, जिसमें 93.19 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला था। चुनाव के दूसरे चरण में कुल 142 विधानसभा सीटों के लिए 1448 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में 41001 मतदान केन्द्र (39301 मुख्य और 1700 सहायक मतदान केन्द्र) बनाये गये हैं, जिसमें ग्रामीण मतदान केन्द्रों की संख्या 25083 और शहरी मतदान केन्द्रों की संख्या 14218 तथा 258 मॉडल मतदान केन्द्र हैं। इस चरण में 8845 मतदान केन्द्रों का प्रबंध पूरी तरह महिलाएं कर रही हैं।
कोलकाता उत्तर, कोलकाता दक्षिण, हावड़ा, नादिया, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली और पूर्वी बर्धमान विधानसभा क्षेत्रों सहित कम से कम 8 चुनावी जिलों में दूसरे एवं अंतिम चरण का मतदान होगा। चुनाव आयोग ने मतदान को हिंसा और भय से मुक्त रखने तथा स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कराने के लिए व्यापक इंतजाम किये हैं और संवेदनशील इलाकों में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की सघन तैनाती की गयी है। चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों की 2,407 कंपनियों को तैनात किया है। सभी मतदान केन्द्रों पर सुबह से मतदाता अपने मताधिकार को इस्तेमाल करने के लिए पहुंचने शुरू हो गये हैं।
दूसरे चरण में कुल 1,448 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चरण में सर्विस मतदाता सहित कुल 3.22 करोड से अधिक मतदाता हैं, जिनमें 1.64 करोड़ पुरुष, 1.57 करोड़ महिलाएं और 792 उभयलिंगी शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में कुल 6.44 करोड़ मतदाता हैं। राज्य में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है तथा कांग्रेस और वामपंथी दल भी पुरजोर से अपनी ताकत आजमा रहे हैं। भवानीपुर सीट इस बार के चुनाव में सबसे हॉट सीट बनी हुई हैए जहां मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता एवं भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के बीच है।
मतदान के बाद, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें सील करके मतगणना केंद्रों के स्ट्रॉन्ग रूम में ले जाया जाएगा, जहाँ 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। चुनावी राज्य में गत 26 फरवरी को चुनाव •ाब्ती प्रबंधन प्रणाली के सक्रिय होने के बाद से 27 अप्रैल तक कुल 510.10 करोड़ रुपये की नकदी एवं वस्तुएं जब्त की गयी है जिनमें 30 करोड़ रुपये की नकदी, 48.46 लाख लीटर शराब, जिसकी कीमत 126.85 करोड़ रुपये आंकी है। इसके अलावा 110.12 करोड़ रुपये की मादक पदार्थ, 58.28 करोड़ रुपये की बेशकीमती धातुए और 184.85 करोड़ रुपये के उपहार शामिल हैं। दोनों चरणों की मतगणना चार मई को होगी।
भवानीपुर में शुभेंदु-तृणमूल समर्थकों में झड़प, पुलिस का हल्का लाठीचार्ज
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान भवानीपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार एवं नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के दौरे के समय बुधवार को भाजपा और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों और पुलिस को हल्का लाठीचार्ज कर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी। कालीघाट इलाके में मतदान के बीच शुभेंदु अधिकारी के पहुंचने पर तृणमूल कार्यकर्ताओं ने "जय बंगला" के नारे लगाए, जिसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच नारेबाजी और धक्का-मुक्की शुरू हो गयी। स्थिति बिगड़ने पर केंद्रीय बलों और कोलकाता पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को तितर-बितर किया। पुलिस के अनुसार अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मुख्यमंत्री और तृणमूल उम्मीदवार ममता बनर्जी का निवास भवानीपुर के कालीघाट में है। यह इस चुनाव में राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में शामिल है।
शुभेंदु अधिकारी ने घटना के दौरान आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मतदाताओं को प्रभावित और भयभीत करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मतदान की रफ्तार धीमी है और केंद्रीय बलों की मौजूदगी से तृणमूल घबराई हुई है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "ममता उम्मीदवार हैं, बूथ जा सकती हैं, लेकिन इतने लोगों के साथ आकर क्या मतदाताओं को डराने की कोशिश हो रही है?" तृणमूल समर्थकों के "जय बंगला" नारों पर प्रतिक्रिया देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने विवादास्पद टिप्पणी करते हुए कहा कि मुसलमान जय बंगला के नारे लगा रहे हैं, जबकि हिन्दू भाजपा के साथ हैं।
उल्लेखनीय है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को करीबी अंतर से हराया था, हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में प्रचंड बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी। बाद में ममता बनर्जी भवानीपुर उपचुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं।
भवानीपुर में यह सीधा मुकाबला राज्य की राजनीति के सबसे प्रतीकात्मक चुनावी संघर्षों में गिना जा रहा है जिस पर पूरे देश की निगाहें लगी हैं।
5 बजे तक करीब 89.99 फीसदी मतदान
बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 5 बजे तक करीब 89.99 फीसदी मतदान हुआ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव में अपनी जीत को लेकर दावा किया है और कहा है कि इस चुनाव में हमें एक तरफा सीटें मिलेंगी।
अपराह्न 3 बजे तक 78.68 प्रतिशत मतदान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में शुरुआती आठ घंटों में 78.68 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
राज्य के पूर्वी बर्धमान जिले में शुरूआती आठ घंटों में सबसे अधिक 83.11 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण जिला में सबसे कम 75.38 प्रतिशत मतदान हुआ।
एक बजे तक 61.11 प्रतिशत मतदान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में शुरुआती छह घंटों में 61.11 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
इस बीच कुछ इलाकों में मतदान के दौरान झड़पों और तनाव की रिपोर्ट भी मिली है।
11 बजे तक करीब 40 प्रतिशत लोगों ने किया मतदान
बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में शुरुआती चार घंटों में 39.97 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राज्य के पूर्वी बर्धमान जिले में शुरूआती चार घंटों में सबसे अधिक 44.50 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण जिला में सबसे कम 36.78 प्रतिशत मतदान हुआ। इस बीच कुछ इलाकों में मतदान के दौरान झड़पों और तनाव की रिपोर्ट भी मिली है। मतदान सुबह सात बजे शुरु हुआ था और शाम छह बजे तक चलेगा। चुनाव आयोग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार हुगली जिले में 43.12 प्रतिशत, हावड़ा में 39.45, कोलकाता उत्तर में 38.39 प्रतिशत, नादिया में 40.34, उत्तर 24 परगना में 38.43, दक्षिण 24 परगना में 37.92 प्रतिशत मतदान हुआ है।
ममता बनर्जी अपने निर्वाचन क्षेत्र में सक्रिय, बूथों का दौरा कर चुनाव प्रक्रिया की कर रहीं निगरानी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मतदान के दिन बुधवार सुबह ही घर से बाहर निकल आईं और घोषणा की कि वह मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि भवानीपुर से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए पूरा दिन सड़कों पर बिताएंगी। निवर्तमान मंत्री और पार्टी उम्मीदवार फिरहाद हकीम के आवास पर केंद्रीय बलों और एक पुलिस पर्यवेक्षक द्वारा देर रात की गई छापेमारी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए और डराने-धमकाने का आरोप लगाया। दूसरे चरण के मतदान में सबकी निगाहें भवानीपुर पर टिकी हैं, जहां बनर्जी का मुकाबला शुभेंदु अधिकारी से है। दोनों नेताओं ने अपने दिन की शुरुआत जल्दी की और मतदान केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बनर्जी सुबह अपने कालीघाट आवास से निकलीं और पद्मपुकुर रोड की ओर बढऩे से पहले चेतला क्षेत्र का दौरा किया। वह कई बूथों पर रुकीं और एक बूथ का निरीक्षण करने के लिए अपनी कार से बाहर भी निकलीं। हालांकि, अधिकारी ने उनके सुबह-सुबह बाहर निकलने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें दबाव में ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
मीडिया से कहा कि वह पूरे दिन अपने निर्वाचन क्षेत्र में रहेंगी और एक के बाद एक बूथों का दौरा करेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के बाहर से आए पर्यवेक्षक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निर्देश पर काम कर रहे हैं और सवाल किया कि क्या ऐसी परिस्थितियों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सकते हैं। तृणमूल प्रमुख ने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी के झंडे हटाए जा रहे हैं और बाहरी लोग उनके निर्वाचन क्षेत्र में गड़बड़ी पैदा कर रहे हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि वार्ड 70 के एक पार्टी पार्षद को बाहर निकलने से रोका जा रहा है और पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने अभिषेक बनर्जी का जिक्र करते हुए कहा, मैं और अभिषेक पूरी रात जागते रहे। सुबह करीब नौ बजे बनर्जी चक्रबेरिया के एक बूथ पर पहुंचीं, जहां उन्हें बाहर बैठकर निगरानी करते और पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करते देखा गया। इस दौरान क्षेत्र में पार्टी के झंडे फाड़े जाने की शिकायतें भी मिलीं। आमतौर पर बनर्जी मतदान के दिन शुरुआती घंटों में घर पर ही रहती हैं और बाद में भवानीपुर के मित्रा संस्थान में अपना वोट डालने के लिए बाहर निकलती हैं, लेकिन इस बार उन्होंने परंपरा तोड़ते हुए जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करने का विकल्प चुना है।
9 बजे तक 18.39 प्रतिशत लोगों ने किया मतदान
चुनाव में दूसरे चरण के मतदान के शुरुआती दो घंटों में (नौ बजे तक) 18.39 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राज्य के पश्चिम पूर्वी बर्धमान जिले में शुरूआती दो घंटों में सबसे अधिक 20.86 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण जिला में सबसे कम 16.81 प्रतिशत मतदान हुआ। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हुआ था जिसमें 93.19 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला था। राज्य में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में कुल 142 विधानसभा सीटों के लिए 1448 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में 41001 मतदान केन्द्र (39301 मुख्य और 1700 सहायक मतदान केन्द्र) बनाये गये हैं, जिसमें ग्रामीण मतदान केन्द्रों की संख्या 25083 और शहरी मतदान केन्द्रों की संख्या 14218 तथा 258 मॉडल मतदान केन्द्र हैं। इस चरण में 8845 मतदान केन्द्रों का प्रबंध पूरी तरह महिलाएं कर रही हैं।

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