सम्मेलन के समापन अवसर पर बोले पीएम, कहा- ‘ब्रिक्स’ सम्मेलन में लिए फैसलों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है

दुनिया अब इस संगठन से ठोस अपेक्षाएं कर रही

सम्मेलन के समापन अवसर पर बोले पीएम, कहा- ‘ब्रिक्स’ सम्मेलन में लिए फैसलों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का समापन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्य देशों से घोषणाओं और निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू कर अंतिम छोर तक प्रभाव पहुंचाने का आह्वान।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में लिए गए निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू करने का पुरजोर आह्वान करते हुए कहा है कि बैठक के परिणामों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है। मोदी ने कहा है कि नई दिल्ली शिखर सम्मेलन से इस संगठन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है और दुनिया अब इस संगठन से ठोस अपेक्षाएं कर रही है। दो दिन का यह शिखर सम्मेलन समूह के संपर्क कार्यक्रम के साथ रविवार को संपन्न हुआ जिसमें 11 सदस्य देशों के नेताओं के अलावा समूह के संपर्क कार्यक्रम के अंतर्गत आमंत्रित देश के शासन अध्यक्षों और राष्ट्रीय अध्यक्षों ने भी भाग लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने समापन संबोधन में सदस्य देशों के नेताओं को महत्वपूर्ण घोषणा पत्र को अंतिम देने में अंतिम रूप देने में उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मोदी ने कहा कि हमें सभी परिणामों को समयबद्ध कार्रवाई और लास्ट-माइल इम्पैक्ट से जोड़ना (अंतिम छोर तक पहुंचाना) होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे फ्रेमवर्क  केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि वास्तविक जीवन में प्रभाव पैदा करें। इसके लिए हम सब मिलकर काम करेंगे। अब हम समापन की ओर आगे बढ़ रहे हैं।  

सदस्यों के विचारों और सुझावों ने हमारे सहयोग को व्यापकता दी :

अठारहवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन पर सभी की सक्रिय सहभागिता और मूल्यवान योगदान के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सदस्यों के महत्वपूर्ण विचारों और सुझावों ने हमारे सहयोग को व्यापकता भी दी है और गहराई भी दी है। उन्होंने कहा, आप सभी की मौजूदगी ब्रिक्स की बढ़ती प्रासंगिकता, खुलेपन और समावेशिता का प्रमाण है।

Read More कांग्रेस का दावा, तीन महीने में 25 फीसदी तक बढ़ा रसोई का बजट, महंगाई पर सरकार को घेरा

ब्रिक्स समाधानों का एक इकोसिस्टम :

Read More पीएम मोदी के 25 साल के राजनीतिक सफर पर ‘सेवा ज्योति अभियान’, 7 अक्टूबर को जयपुर में होंगे विभिन्न सेवा कार्यक्रम

उन्होंने कहा, पिछले दो दिनों की हमारी चर्चाओं ने हमारा विश्वास और मजबूत किया है कि ब्रिक्स केवल देशों का समूह नहीं, बल्कि समाधानों का एक इकोसिस्टम है। इस ब्रिक्स के नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में अपनाया गया नई दिल्ली घोषणा पत्र समूह की साझा सोच और भविष्य के सहयोग को स्पष्ट दिशा देगा। मोदी ने कहा कि ब्रिक्स अब अपने अस्तित्व के तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है और अब दुनिया हमसे केवल विचार  और प्रतिबद्धताओं की घोषणा हो नहीं, बल्कि ठोस परिणामों की अपेक्षा करती है।

Read More ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर NSUI का अनोखा प्रदर्शन, कार्यकर्ता बने ‘जीवित लाश’, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना ‘ग्लोबल साउथ’ के साथ सहयोग बढ़ाएगी: जिनपिंग

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को ब्रिक्स देशों को सकारात्मक संदेश देते हुए कहा कि चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना वैश्विक जुड़ाव को गहरा करने का जरिया बनेगी। यह योजना दुनिया भर के देशों, खासतौर से ‘वैश्विक दक्षिण’ के साथ सहयोग के नए मौके पैदा करेगी। चीन इस योजना का इस्तेमाल खुलेपन का विस्तार करने,‘वैश्विक विकास पहल’ को लागू करने और ‘बेल्ट एंड रोड’ सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए करेगा। यह पंचवर्षीय रूपरेखा चीन की आर्थिक और कूटनीतिक रणनीति का केंद्र है, जिसके जरिए चीन सतत विकास हासिल करने, तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने और वैश्विक अर्थव्यवस्था के प्रमुख इंजन के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

अगले साल बिजिंग में मिलने का संकल्प  :

भारत की अगुवाई में राजधानी दिल्ली में हुआ दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का रविवार को समापन हो गया। सम्मेलन की अध्यक्षता करने वाले भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगले मेजबान चीन को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी। जो अगले साल 2027 में बिजिंग में होगा। इसके साथ ही सम्मेलन से इतर पीएम मोदी ने बीते तीन दिनों में करीब एक दर्जन से ज्यादा राष्ट्राध्यक्षों एवं शासन प्रमुखों से द्विपक्षीय संबंधों पर वार्ता की।

सहयोग के क्षेत्र में खेल भी :

ब्रिक्स देशों ने इस बार सहयोग करने वाले क्षेत्रों में खेलों को भी शामिल किया है। सभी सदस्य देशों ने तय किया कि अन्य क्षेत्रों पर भी गौर करने की जरुरत है। जहां सदस्य देश एक दूसरे को और सहयोग कर सकते हैं।

Post Comment

Comment List

Latest News

‘वोट चोरी’ के आरोपों पर NSUI का अनोखा प्रदर्शन, कार्यकर्ता बने ‘जीवित लाश’, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर NSUI का अनोखा प्रदर्शन, कार्यकर्ता बने ‘जीवित लाश’, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर एनएसयूआई (NSUI) ने जंतर-मंतर पर 'जीवित लाश' बनकर अनोखा प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। एनएसयूआई के...
असारवा-कानपुर सेंट्रल स्पेशल रेलसेवा के संचालन समय में आंशिक परिवर्तन
अर्धवार्षिक परीक्षा और चुनाव ड्यूटी के बीच शिक्षकों के सामने दोहरी चुनौती
एसआईआर फैसलों पर उच्चतम न्यायालय ने ज्ञानेश कुमार के एकतरफा निलंबन से किया इनकार, मांगा जवाब
ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने दिया इस्तीफा, हामिद बोवार्ड बने कार्यवाहक मंत्री; युद्ध के बीच बड़ा घटनाक्रम
अब कागज नहीं, डिजिटल होगी पुलिस की बीट बुक, एआई से मजबूत होगा पुलिसिंग सिस्टम
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका, सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध के बीच सुनवाई को तैयार