सम्मेलन के समापन अवसर पर बोले पीएम, कहा- ‘ब्रिक्स’ सम्मेलन में लिए फैसलों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है
दुनिया अब इस संगठन से ठोस अपेक्षाएं कर रही
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में लिए गए निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू करने का पुरजोर आह्वान करते हुए कहा है कि बैठक के परिणामों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है। मोदी ने कहा है कि नई दिल्ली शिखर सम्मेलन से इस संगठन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है और दुनिया अब इस संगठन से ठोस अपेक्षाएं कर रही है। दो दिन का यह शिखर सम्मेलन समूह के संपर्क कार्यक्रम के साथ रविवार को संपन्न हुआ जिसमें 11 सदस्य देशों के नेताओं के अलावा समूह के संपर्क कार्यक्रम के अंतर्गत आमंत्रित देश के शासन अध्यक्षों और राष्ट्रीय अध्यक्षों ने भी भाग लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने समापन संबोधन में सदस्य देशों के नेताओं को महत्वपूर्ण घोषणा पत्र को अंतिम देने में अंतिम रूप देने में उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मोदी ने कहा कि हमें सभी परिणामों को समयबद्ध कार्रवाई और लास्ट-माइल इम्पैक्ट से जोड़ना (अंतिम छोर तक पहुंचाना) होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे फ्रेमवर्क केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि वास्तविक जीवन में प्रभाव पैदा करें। इसके लिए हम सब मिलकर काम करेंगे। अब हम समापन की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
सदस्यों के विचारों और सुझावों ने हमारे सहयोग को व्यापकता दी :
अठारहवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन पर सभी की सक्रिय सहभागिता और मूल्यवान योगदान के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सदस्यों के महत्वपूर्ण विचारों और सुझावों ने हमारे सहयोग को व्यापकता भी दी है और गहराई भी दी है। उन्होंने कहा, आप सभी की मौजूदगी ब्रिक्स की बढ़ती प्रासंगिकता, खुलेपन और समावेशिता का प्रमाण है।
ब्रिक्स समाधानों का एक इकोसिस्टम :
उन्होंने कहा, पिछले दो दिनों की हमारी चर्चाओं ने हमारा विश्वास और मजबूत किया है कि ब्रिक्स केवल देशों का समूह नहीं, बल्कि समाधानों का एक इकोसिस्टम है। इस ब्रिक्स के नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में अपनाया गया नई दिल्ली घोषणा पत्र समूह की साझा सोच और भविष्य के सहयोग को स्पष्ट दिशा देगा। मोदी ने कहा कि ब्रिक्स अब अपने अस्तित्व के तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है और अब दुनिया हमसे केवल विचार और प्रतिबद्धताओं की घोषणा हो नहीं, बल्कि ठोस परिणामों की अपेक्षा करती है।
चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना ‘ग्लोबल साउथ’ के साथ सहयोग बढ़ाएगी: जिनपिंग
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को ब्रिक्स देशों को सकारात्मक संदेश देते हुए कहा कि चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना वैश्विक जुड़ाव को गहरा करने का जरिया बनेगी। यह योजना दुनिया भर के देशों, खासतौर से ‘वैश्विक दक्षिण’ के साथ सहयोग के नए मौके पैदा करेगी। चीन इस योजना का इस्तेमाल खुलेपन का विस्तार करने,‘वैश्विक विकास पहल’ को लागू करने और ‘बेल्ट एंड रोड’ सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए करेगा। यह पंचवर्षीय रूपरेखा चीन की आर्थिक और कूटनीतिक रणनीति का केंद्र है, जिसके जरिए चीन सतत विकास हासिल करने, तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने और वैश्विक अर्थव्यवस्था के प्रमुख इंजन के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
अगले साल बिजिंग में मिलने का संकल्प :
भारत की अगुवाई में राजधानी दिल्ली में हुआ दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का रविवार को समापन हो गया। सम्मेलन की अध्यक्षता करने वाले भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगले मेजबान चीन को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी। जो अगले साल 2027 में बिजिंग में होगा। इसके साथ ही सम्मेलन से इतर पीएम मोदी ने बीते तीन दिनों में करीब एक दर्जन से ज्यादा राष्ट्राध्यक्षों एवं शासन प्रमुखों से द्विपक्षीय संबंधों पर वार्ता की।
सहयोग के क्षेत्र में खेल भी :
ब्रिक्स देशों ने इस बार सहयोग करने वाले क्षेत्रों में खेलों को भी शामिल किया है। सभी सदस्य देशों ने तय किया कि अन्य क्षेत्रों पर भी गौर करने की जरुरत है। जहां सदस्य देश एक दूसरे को और सहयोग कर सकते हैं।

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