हरियाणा में शिक्षकों की भारी कमी : एक शिक्षक पर 400 बच्चों का बोझ, सैलजा ने कहा- यह सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों का परिणाम 

प्रदेश में 15,659 शिक्षकों के पद खाली 

हरियाणा में शिक्षकों की भारी कमी : एक शिक्षक पर 400 बच्चों का बोझ, सैलजा ने कहा- यह सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों का परिणाम 
कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा के 8 जिलों में 15,659 शिक्षकों के पद खाली हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। कई स्कूलों में 1 शिक्षक पर 400 से अधिक छात्र हैं। उन्होंने भाजपा सरकार से तत्काल भर्ती, पारदर्शी तबादले और ग्रामीण स्कूलों में स्थायी तैनाती की मांग की।

चंडीगढ़। कांग्रेस महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा के आठ जिलों अंबाला, फरीदाबाद, सिरसा, यमुनानगर, पलवल, भिवानी, जींद और हिसार में शिक्षकों की भारी कमी से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। 

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कई स्कूलों में एक-एक शिक्षक पर 400 से 500 तक बच्चों का बोझ है, जो शिक्षा की गुणवत्ता के साथ गंभीर समझौता है। उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार नई शिक्षा नीति का गुणगान कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्कूलों में शिक्षकों और संसाधनों की भारी कमी है। सरकार क्या निजी शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा देकर सरकारी स्कूलों को बंद करने की साजिश कर रही है,

मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में 15,659 शिक्षकों के पद खाली हैं, जिनमें अंबाला और यमुनानगर की स्थिति सबसे अधिक गंभीर है। सिरसा जैसे जिलों में, जहां हजारों बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं, शिक्षकों की कमी उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल प्रशासनिक अनियमितता नहीं, बल्कि सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों और संवेदनहीनता का परिणाम है। वर्षों से भर्ती प्रक्रिया अधूरी है, तबादलों की अव्यवस्था चरम पर है और तैनाती में राजनीतिक प्रभाव हावी है।

सैलजा ने कहा कि कई सरकारी स्कूलों में ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर 10 से 12 हजार रुपए में युवाओं को रखकर पढ़ाई करवा रही हैं, जो सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

Read More फुटपाथ पर चलना नागरिकों का मौलिक अधिकार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- यह स्वतंत्र आवाजाही की संवैधानिक गारंटी का अनिवार्य हिस्सा

कुमारी सैलजा ने प्रदेश की भाजपा सरकार से मांग की कि सरकार तुरंत खाली पड़े शिक्षकों के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करे, शिक्षकों-बच्चों का अनुपात राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जाये और ग्रामीण विद्यालयों में स्थायी तैनाती की नीति लागू की जाये। शिक्षकों के स्थानांतरण में पारदर्शिता और संतुलन सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र निगरानी तंत्र बनाया जाये।

Read More पेपर लीक के कारण कई बच्चों की गई जान : धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा ले सरकार, कन्हैया बोले- पेपर सेट करने वाले ही लीक कराने में शामिल

सैलजा ने कहा कि बच्चों का भविष्य और प्रदेश की शिक्षा प्रणाली दोनों ही सरकार की जवाबदेही से जुड़े विषय हैं। यदि शिक्षा की बुनियाद कमजोर रही तो प्रदेश का विकास अधूरा रहेगा।  

Read More जोधपुर प्रसूताओं की बीमारी प्रकरण : मंत्री ने प्रारम्भिक जांच में लापरवाही नहीं मानी, एक महिला जोधपुर एम्स रैफर

 

 

 

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

एसएमएस मेडिकल कॉलेज ने रचा कीर्तिमान, एक ही दिन में 11 जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी सफल एसएमएस मेडिकल कॉलेज ने रचा कीर्तिमान, एक ही दिन में 11 जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी सफल
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक्स विभाग ने एक ही दिन में 11 जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी कर उपलब्धि हासिल की। 8...
भारत के लिए राहतभरी खबर: होर्मुज खुलते ही तेल और उर्वरक से लदे 11 जहाज सुरक्षित लौटे, ऊर्जा संकट की आशंका घटी
ईरान की कूटनीतिक पहल: आईएईए निरीक्षकों को मंज़ूरी देने से किया इनकार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति के बयान का किया खंड़न
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: कांग्रेस का भाजपा-आरएसएस पर तीखा हमला, आलोक शर्मा ने कहा- जिन लोगों ने प्रभु श्रीराम को नहीं छोड़ा, वे देश को क्या छोड़ेंगे 
अजमेर में भाजपा ने मनाया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस, राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को किया याद
पल्स पोलियो अभियान : जयपुर जिले के 4064 बूथों पर 4 लाख 60 हज़ार से अधिक नौनिहाल गटकेंगे दो बूंद ज़िन्दगी की
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़े एक्शन की तैयारी: SIT ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट, ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश