गुरुओं के सम्मान से जुड़े मामले में कोई समझौता नहीं : विजेंद्र गुप्ता ने पंजाब सरकार के रवैये पर व्यक्त की चिंता, कहा- यह मामला गुरुओं के सम्मान और आस्था से जुड़ा
कई गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सिख गुरुओं के सम्मान से जुड़े मामले में पंजाब सरकार की चुप्पी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि फाइल रोके जाने से संदेह पैदा हो रहा है और जवाबदेही जरूरी है। गुप्ता ने स्पष्ट किया कि दिल्ली विधानसभा इस संवेदनशील मुद्दे को हल्के में नहीं लेगी और सच सामने लाने के लिए हर कदम उठाएगी।
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में सिख गुरुओं के सम्मान से जुड़े मामले में पंजाब सरकार के रवैये पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक जिस प्रकार से संबंधित फाइल को रोके रखा गया है, उससे कई गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
गुप्ता ने कहा कि सिख गुरुओं के अपमान के मामले में जिस तरह की चुप्पी और टालमटोल देखने को मिल रही है, उससे यह प्रतीत होता है कि कुछ तथ्यों को जानबूझकर छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकरण के तार सीधे तौर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान तक जुड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो इस मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है। लोकतंत्र में जवाबदेही सर्वोपरि है और किसी भी सरकार को इससे बचने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दिल्ली विधानसभा इस विषय को किसी भी रूप में हल्के में नहीं लेगी। यह मामला केवल प्रशासनिक या राजनीतिक नहीं है, बल्कि यह हमारे गुरुओं के सम्मान और आस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे संवेदनशील विषयों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही या असंवेदनशीलता को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि गुरुओं के अपमान के बाद जिस तरह से झूठ फैलाया गया और अनावश्यक शोर मचाया गया, उसे दिल्ली विधानसभा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। सच को सामने लाना और दोषियों को जवाबदेह ठहराना हमारा दायित्व है। दिल्ली विधानसभा पूरी ²ढ़ता के साथ इस मामले को उठाएगी और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली विधानसभा की नेता विपक्ष पर सिख गुरुओं के कथित आरोप लगाया गया है और इस मामले में पंजाब की पुलिस ने दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

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