परिवार और प्यार के लिए सब कुछ करेगा ‘एंट-मैन’
फिल्म समीक्षाः एंट-मैन एंड द वास्प क्वांटममैनिया
जयपुर। फिल्म ‘एंट-मैन एंड द वास्प क्वांटममैनिया’ की कहानी है स्कॉट की जो एंट मैन है और दुनिया बचा के आया है। दुनिया का हीरो जिसे सब इज्जत और प्यार करते हैं, एवेंजर जो है। उसकी वाइफ प्यार, हॉप्स पिता की विरासत को आगे बड़ा रोज लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के काम में लगी है। परिवार साथ में है। स्कॉट की बेटी कैसी दुनिया की भलाई के लिए एंट सूट पहन लोगों की मदद करते हुए कानून हाथ में लेती है और स्कॉट को हैरान करती है। वो सरप्राइस तब और होता है जब वो हॉप्स के पिता अपने नाना के साथ मिलकर सैटेलाइट बनाती है, जो क्वांटममैनिया की दुनिया पर वहां जाए बैगर खबर रख सकती है, लेकिन नानी जैनेट को आने वाले खतरे की भनक लगती है। वो संभले तब तक सारा परिवार क्वांटममैनिया की दुनिया में कैद हो जाता है, जो कई दुनिया को समेटे हुए छुपा हुआ ब्रह्मांड है। वहां परिवार अलग-अलग हो जाता है। एक तरफ स्कॉट, कैसी है। दूसरी तरफ हैंक्स, जेनट और हॉप्स हैं। जहां पता चलता है कि क्वांटममैनिया में उसके लोग भी रहते हैं। कबीले बने हैं, लेकिन सब डरे और छिपे हैं। कांग की वजह से जो एक शैतान है और वहां राज करता है। सबको बर्बाद कर खुद की नई दुनिया बनाता है। वो जैनट को खोज रहा है ताकि वो क्वांटममैनिया से निकल सके, दुनिया बर्बाद कर सके। इसके लिए उसे अपना यान वापस चाहिए था, जो जेनट ही दिला सकती थी। जेनट ने ही बरसों पहले उसकी जान बचाते हुए उस शैतान की सच्चाई जानी थी और उसका यान तोड़ उसे यही हमेशा के लिए इस दुनिया में कैद कर दिया था। इधर स्कॉट बेबस है अपनी ही बेटी कैसी को बचाने के लिए उसे उस दुनिया का हिस्सा बनने पर मजबूर होना पड़ता है, जहां पुराना दुश्मन हथियार बना हुआ है और शैतान कांग स्कॉट से सौदा करता है कि वो उसे वो लाकर दे जो जेनेट ने छीना था वरना कैसी को मार देगा। वक्त की इस सौदेबाजी में कौन हारता है कौन जीतता है, यही है ये एंट मैन द वास्प क्वांटममैनिया। उम्मीद और डर के बीच फंसी जिंदगियों का कड़ा इम्तेहान है। क्या स्कॉट और उसका परिवार इस अनजानी दुनिया के अनचाहे खतरों से बच पाएंगे। वापस घर जाने की हसरत क्या इन्हें रहस्यमयी दुनिया से निकाल पाएगी। कौन बचेगा, कौन मरेगा इस कवायत की ये रोलर कोस्टर फिल्म आपको हर लम्हा चौंकाएगी, डराएगी हिम्मत से लड़ना सिखाते हुए एहसासों के समुंद्र में गोते लगाएगी की वक्त के साथ छेड़छाड़ कितनी भारी पड़ती है। कहानी स्क्रीन प्ले टू द प्वाइंट है। निर्देशन बेहतरीन है। पॉल रुड और इवांगेलिन लिली के साथ सभी एक्टर्स ने कमाल का काम किया है। सिनेमेटोग्राफी, वीएफएक्स, एडिटिंग उम्दा है और बीजीएम दमदार है। ओवरआॅल ये एंट मैन एंटरटेनमेंट की पूरी दुनिया है। - दानिश राही

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