पड़ोसी के खिलाफ कराई फर्जी एफआईआर, पोक्सो की विशेष अदालत ने लगाया 5 हजार का जुर्माना
राशि जमा नहीं कराने पर पांच दिन का साधारण कारावास होगा
अजमेर। पोक्सो प्रकरण की विशिष्ट न्यायालय संख्या एक के न्यायाधीश हेमंत सिंह ने पड़ोसी के खिलाफ नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने पर महिला को 5 हजार रुपए जुर्माना की सजा दी है, राशि जमा नहीं कराने पर उसे पांच दिन का साधारण कारावास होगा।
न्यायालय के विशिष्ट लोक अभियोजक प्रशांत यादव के अनुसार भिनाय पुलिस थाना में 26 सितंबर 24 को एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 17 वर्षीय बेटी 24 सितंबर की शाम 5 बजे खेत में कटे हुए मूंग की रखवाली कर रही थी। तभी पड़ोसी उसकी बेटी को खेत से जानवर भगाने का झांसा देकर साथ ले गया और अश्लील हरकत व दुष्कर्म किया। उसने बेटी को घटना के बारे में किसी को नहीं बताने की धमकी दी। वह घटना से डरी हुई थी, किंतु घटना के दूसरे दिन बेटी की तबीयत खराब होने पर उक्त जानकारी दी थी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु की। पीड़िता ने अपने बयानों में स्पष्ट कहा कि जमीनी विवाद होने के कारण यह मुकदमा दर्ज कराया गया है। न्यायालय ने माना कि किसी व्यक्ति को अपमानित करने एवं अन्य प्रकरण की सुनवाई को प्रभावित करने के लिए दुष्कर्म का आरोप लगाना अत्यंत गंभीर है।

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