नवमी का कुल आज : जायरीन ने केवड़ा-गुलाब जल से धोई दरगाह, मदार गेट की दुकानों पर खरीददारों का उमड़ा सैलाब
गाजे-बाजे के साथ चादर पेश करने वालों से दरगाह क्षेत्र में रौनक
ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 814वें उर्स में जायरीन ने रात्रि दरगाह परिसर के विभिन्न हिस्सों को धोकर नवमी के कुल की रस्म अदा करना शुरू कर दिया। विधिवत रूप से मंगलवार सुबह उर्स सम्पन्न हो जाएगा। सोमवार सुबह से ख्वाजा साहब की दरगाह में जियारत करने वालों का आना जारी रहा।
अजमेर। ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 814वें उर्स में जायरीन ने सोमवार रात्रि दरगाह परिसर के विभिन्न हिस्सों को धोकर नवमी के कुल की रस्म अदा करना शुरू कर दिया। विधिवत रूप से मंगलवार सुबह उर्स सम्पन्न हो जाएगा। सोमवार सुबह से ख्वाजा साहब की दरगाह में जियारत करने वालों का आना जारी रहा। उर्स में आए अधिकांश जायरीन लौटने से पूर्व हाजिरी देने में जुटे रहे। इसके अलावा ख्वाजा के दर पर कव्वाली व गाजे-बाजे के साथ चादर पेश करने वालों से दरगाह क्षेत्र में रौनक रही।
उधर, जायरीन के लौटने की रफ्तार तेज होने से अंदरकोट, दरगाह व नला बाजार सहित मदार गेट की दुकानों पर खरीददारों का सैलाब उमड़ने लगा है। दरगाह के आसपास की दुकानें देर रात तक खुलने के बाद सुबह जल्दी खुल रही हैं। सोमवार रात्रि ईशा की नमाज होते ही जायरीन छठी के कुल की तरह आस्ताना की दीवारों को गुलाब व केवड़ा जल से धोने लगे। जिसे नवमी के कुल के छींटे लगाने की रस्म अदा करना मान रहे थे। हालांकि अंजुमन व दरगाह कमेटी के कार्यक्रम में नवमी के कुल की रस्म मंगलवार सुबह होना तय है। जिसमें सम्पूर्ण दरगाह को धोया जाएगा और सुबह करीब दस बजे अंजुमन की ओर से जायरीन के सकुशल अपने घर पहुंचने की दुआ की जाएगी और शांतिपूर्वक उर्स सम्पन्न करवा देने का शुक्रिया अदा कर उर्स के समापन का ऐलान कर दिया जाएगा।

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