सुई-धागे से हुनर की उड़ान : अब गांव की महिलाएं लिखेंगी आत्मनिर्भरता की इमारत
मकसद: राठ क्षेत्र के अधिक से अधिक गांवों की मातृशक्ति को अभियान से जोड़ना
नीमराना। सुई-धागे से शुरू हुआ हुनर अब गांव की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की राह खोलने की तैयारी में है। संतोष देवी चैरिटेबल ट्रस्ट जखराना एवं भावना बाल पर्यावरण एवं शिक्षा संस्थान की ओर से जीवन कौशल शिक्षा अभियान के तहत मेहतावास, नानकवास, बिरनवास और डाबड़वास में सिलाई प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं शामिल हुईं। मुख्य अतिथि भाजपा महिला मोर्चा राजस्थान की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संतोष देवी चैरिटेबल ट्रस्ट जखराना की सचिव डॉ. शानू यादव ने प्रशिक्षणार्थी महिलाओं का उत्साहवर्धन कर उन्हें आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। डॉ. शानू यादव ने कहा कि राठ क्षेत्र के अधिक से अधिक गांवों की मातृशक्ति को इस अभियान से जोड़ना उद्देश्य है, जिससे महिलाएं अपने हुनर के जरिए आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर महिला अपने परिवार के साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि सिलाई प्रशिक्षण महिलाओं को केवल एक हुनर नहीं देता, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा करने के साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी खोलता है।
चार गांवों की महिलाओं ने सीखा हुनर :
प्रशिक्षण शिविर में बबली, ममता, मोनिका, तनु, ज्योति, हेमलता, वर्षा, खुशबू, रानी, खुशी, सुनीता, पूजा, कविता, प्रियंका, ललित, निशा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं ग्रामीण मौजूद रहे। नरेंद्र राघव सहित आयोजन से जुड़े लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। आयोजकों के अनुसार ऐसे प्रशिक्षणों का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को हुनर से जोड़कर उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर उपलब्ध कराना है।

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