राज्य में दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन शुरू, शिक्षकों की समस्याओं पर मंथन
शिक्षा का स्तर सहित अनेक विषयों पर चर्चा
जयपुर। राज्य में विभिन्न शैक्षणिक संगठनों के दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन राजधानी के विभिन्न हिस्सों में शुरू हुए। शैक्षिक सम्मेलनों में शिक्षा की वर्तमान स्थिति, शिक्षकों की परेशानी, शिक्षा का स्तर सहित अनेक विषयों पर चर्चा हुई। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ का जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, एशिया सर्कल में शुरू हुआ। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने कहा कि सरकार को तृतीय श्रेणी शिक्षकों की डीपीसी पर तुरंत प्रसंज्ञान लेते हुए प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। साथ ही, टीईटी की अनिवार्यता वापस लेने और सभी शिक्षकों के लिए स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की। प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं सम्मेलन संयोजक अंजनी कुमार शर्मा ने संगठन की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि शशिभूषण शर्मा ने कहा कि विभागीय शैक्षिक, सह.शैक्षिक एवं सामाजिक कार्यों में संगठन के पदाधिकारी और सदस्य पूर्ण मनोयोग से योगदान दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि नामांकन वृद्धि,स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण जैसे कार्यों में संगठन ने उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं।
राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम का जिला शैक्षिक सम्मेलन :
राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) जिला शाखा जयपुर का दो दिवसीय जिला शैक्षिक सम्मेलन महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, आदर्शनगर में शुरू हुआ। मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में शिक्षकों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर मंथन हुआ। प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा ने बताया कि शिक्षकों ने डेढ़ लाख रिक्त पद भरने, सरकारी कर्मचारियों व जनप्रतिनिधियों के बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने, नवक्रमोन्नत विद्यालयों में व्याख्याताओं के पद स्वीकृत करने और नामांकन बढ़ाने की मांग की।
राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम का जिला सम्मेलन :
राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) जिला शाखा जयपुर का दो दिवसीय जिला शैक्षिक सम्मेलन महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, आदर्शनगर में शुरू हुआ। मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन में शिक्षकों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर मंथन हुआ। प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा ने बताया कि शिक्षकों ने डेढ़ लाख रिक्त पद भरने, सरकारी कर्मचारियों व जनप्रतिनिधियों के बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने, नवक्रमोन्नत विद्यालयों में व्याख्याताओं के पद स्वीकृत करने और नामांकन बढ़ाने की मांग की। जर्जर भवनों की जगह अस्थायी भवन, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण व लंबित पदोन्नति शीघ्र करने पर भी जोर दिया गया।

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