25.49 करोड़ की लागत से होगा अल्बर्ट हॉल संग्रहालय का संरक्षण कार्य, राज्य निर्वाचन आयोग की अनुमति के बाद फर्म को जारी किया वर्क ऑर्डर
2008 के बाद अब होगा बड़े स्तर पर संरक्षण कार्य
जयपुर। अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में प्रदर्शित दुर्लभ वस्तुओं को डिस्प्ले करने का तरीका अगले 21 महीनों में कुछ बदला बदला सा नजर आएगा। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग की अनुमति के बाद संग्रहायल में संरक्षण कार्य करने वाली फर्म को वर्क ऑर्डर दे दिया गया है। साथ ही, फर्म को 1 साल और 9 माह (21 महीने) का समय दिया गया है। करीब 2400 साल पुरानी ममी को फिर से तहखाने में प्रदर्शित किए जाने की भी योजना है। 25 करोड़ 49 लाख रुपए की राशि से संग्रहालय का संरक्षण कार्य किया जाएगा। ताकि इसे समय के अनुसार हाइटैक रूप दिया जा सके।
2008 के बाद अब होगा बड़े स्तर पर संरक्षण कार्य : पुरातत्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार साल 2008 में अल्बर्ट हॉल संग्रहालय का संरक्षण कार्य (रिनोवेशन वर्क) किया गया था। उस समय इस पर 6 से 7 करोड़ रुपए का खर्च आया था। इसमें सालों पुराने हथियार, हैंडीक्राफ्ट्स के सामान, प्राचीन सिक्के, कारपेट, पियानो, पाषाण प्रतिमाएं, वाद्ययंत्र सहित अन्य पुरा वस्तुओं को नए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए प्रदर्शित किया जाएगा। संरक्षण कार्य पूरा करने की मियाद 21 जून, 2028 है।
इतनी दुर्लभ वस्तुएं हैं प्रदर्शित :
यहां प्रदर्शित विभिन्न दुर्लभ वस्तुओं की संख्या 2500 है। 18 गैलरियों में तलवारें, बंदूकें, तीर-कमार, भाले, ईजिप्ट की ममी, कारपेट, विभिन्न धातुओं के सिक्के सहित अन्य पुरा वस्तुएं शामिल हैं।

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