पचपदरा रिफाइनरी अग्निकाण्ड : अब साइबर अटैक एंगल पर जांच, इलाके में सख्ती- बिना अनुमति प्रवेश पर रोक
साइबर सुरक्षा तैयारियों पर भी बड़ा सवाल खड़ा
पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल को लगी आग का कारण अभी साफ नहीं हो पाया है, लेकिन अब जांच एजेंसियों ने इस घटना को साइबर अटैक के एंगल से भी खंगालना शुरू। मामले की गंभीरता को देख एनआईए सहित अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई।
बाड़मेर। पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल को लगी आग का कारण अभी साफ नहीं हो पाया है, लेकिन अब जांच एजेंसियों ने इस घटना को साइबर अटैक के एंगल से भी खंगालना शुरू कर दिया है। मामले की गंभीरता को देख एनआईए सहित अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं किसी तकनीकी सिस्टम या नेटवर्क के साथ छेड़छाड़ तो नहीं हुई, जिससे यह हादसा हुआ हो। इसी के तहत रिफाइनरी से जुड़े डिजिटल सिस्टम, कंट्रोल यूनिट और नेटवर्क लॉग की भी जांच की जा रही है। घटना के बाद पूरे पचपदरा क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
पुलिस की ओर से इलाके में रहने वाले किराएदारों और मजदूरों का वेरिफिकेशन शुरू कर दिया गया है। साथ ही बाहरी व्यक्तियों के बिना अनुमति प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं, हाल ही में प्रधानमंत्री की प्रस्तावित सभा के लिए बनाए गए तीन डोम को भी सुरक्षा एजेंसियों ने नियंत्रण में ले लिया है। इन सभी स्थानों की निगरानी अब एजेंसियों के अधीन है। यह घटना न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों की साइबर सुरक्षा तैयारियों पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
बड़ा सवाल
अगर जांच में साइबर अटैक की पुष्टि होती है, तो यह सिर्फ एक औद्योगिक हादसा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बन सकता है। ऐसे में क्या हमारी महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयां साइबर सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह सुरक्षित हैं?
जांच के मुख्य बिंदु
आग के कारणों का अब तक खुलासा नहीं
साइबर अटैक एंगल पर भी जांच शुरू
एनआईए समेत केंद्रीय एजेंसियां सक्रिय
पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी, एंट्री कंट्रोल
किरायेदारों और मजदूरों का वेरिफिकेशन जारी

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